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विकासनगरडॉक्टर्स ने काला फीता बांध कर की रामदेव की गिरफ्तारी की मांग

हिन्दुस्तान टीम,विकासनगरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 06:30 PM
डॉक्टर्स ने काला फीता बांध कर की रामदेव की गिरफ्तारी की मांग

विकासनगर। संवाददाता

आधुनिक चिकित्सा पद्धति और एलोपैथी चिकित्सकों पर की गई बाबा रामदेव की टिप्पणी को लेकर पछुवादून के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों ने काला फीता बांधकर विरोध जताते हुए उनकी जल्द गिफ्तारी की मांग की। काला फीता बांध कर मरीजों का उपचार कर रहे डाक्टरों का कहना था कि कोरोना संक्रमण काल में सभी चिकित्साकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर महामारी से लड़ रहे हैं। ऐसे में रामदेव का बयान निदंनीय है।

रामदेव की गिरफ्तारी की मांग कर रहे डाक्टरों ने बताया कि उन्होंने कभी भी किसी चिकित्सा पद्धति का विरोध नहीं किया है। भारत में एलोपैथी के साथ ही अन्य पद्धतियों से मरीजों का उपचार किया जाता है। यह मरीज की इच्छा पर निर्भर करता है कि वह किस पद्धति से अपना उपचार कराता है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में एलोपैथी चिकित्सा पद्धति सर्वमान्य है। इस पद्धति से जुड़े डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल कर्मी रात दिन मरीजों का उपचार और उनकी सेवा में लगे हुए हैं। कोरोना संक्रमण काल में कई चिकित्सा कर्मियों ने मरीजों के उपचार के दौरान इस महामारी से अपनी जान गंवाई है। महामारी के इस दौर जब डॉक्टर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मी लोगों की जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसे समय में एलोपैथी पद्धति और उससे जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ बयानबाजी करना उनके मनोबल को गिराना है। कहा कि रामदेव के खिलाफ सरकार भी चुप्पी साधे बैठी हुई है, जबकि वे हर दिन बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार की चुप्पी भी डॉक्टर्स का अपमान है। विरोध कर रहे डॉक्टर्स ने बताया कि वे आयुर्वेद पद्धति का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन पतंजलि के उत्पादों का विरोध किया जाएगा। विरोध करने वालों में आईएमए के विकासनगर शाखा सचिव डा. मयंक शर्मा, उप जिला चिकित्सालय के सीएमएस डा. केएस चौहान, डा. विजय सिंह, डा. प्रदीप चौहान, डा. हिमाद्री रौंकली पांगती, डा. नरेंद्र चौहान, डा. प्रदीप उनियाल आदि शामिल रहे।

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