राहुल गांधी पर SC एक्ट में केस कराने वाले की जाति पर ही विवाद, 'शुद्धिकरण' पर बसपा ने भी घेरा
शुद्धिकरण को लेकर विवाद में नया ट्विस्ट आ गया है। राहुल गांधी पर मुकदमा कराने वाले अमित कुमार की जाति पर ही विवाद हो गया है। वाल्मीकि समुदाय ने थाने में उनके खिलाफ तहरीर दी है।

हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धीकरण’ मामले में नया ट्विस्ट आया है। इस प्रकरण पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले अमित कुमार खुद विवाद में फंस गए हैं। वाल्मीकि समाज ने अमित की उपजाति पर सवाल उठाते हुए हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी है। वाल्मीकि समाज का आरोप है कि वे समुदाय से ताल्लुक नहीं रखते हैं। उधर, देहरादून में कांग्रेस ने प्रकरण पर हुंकार भरी और सीएम आवास कूच किया। इस बाबत सीएम पुष्कर धामी ने कांग्रेस को नाराज फूफा बताते हुए कहा कि इस बेतुके प्रकरण पर छाती पीटना बंद करे।
सोमवार को देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार के नेतृत्व में हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी गई। तहरीर में कहा गया कि जवाहरनगर कॉलोनी निवासी अमित कुमार पुत्र त्रिलोक सिंह ने खुद को अनुसूचित जाति की उपजाति (वाल्मीकि) से जुड़ा बताया है, जिसका वाल्मीकि समाज खंडन करता है।
संगठन का क्या दावा
संगठन से जुड़े चौधरी अमरदीप का दावा है कि अमित का वाल्मीकि उपजाति से कोई संबंध नहीं है। सीओ हल्द्वानी अमित कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराते समय वादी ने एससी-एसटी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। प्रमाणपत्र में ‘वाल्मीकि’ उपजाति दर्ज नहीं है। समाज की ओर से शिकायत मिलने के बाद संबंधित तथ्यों की जांच की जाएगी। इस बाबत ‘हिन्दुस्तान’ ने भी अमित से फोन पर संपर्क किया, हालांकि उन्होंने इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।
राजनीतिक संबंधों पर भी उठे सवाल
प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार का कहना है कि अमित वार्ड-15 से पार्षद का चुनाव लड़ चुके अजय राज के भाई हैं। उनका दावा है कि अजय भाजपा समर्थित हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समाज ने कहा कि पूरे प्रकरण की सच्चाई दस्तावेजों और निष्पक्ष जांच से सामने आनी चाहिए।
भाजपा-कांग्रेस दलितों के नाम पर कर रही राजनीति: बसपा
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) शुद्धीकरण मामले में भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि दोनों ही दलितों के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस सिर्फ राजनीति के लिए दलित प्रेम दिखा रहे हैं। जबकि इन दोनों की ही सरकार में दलितों का सबसे ज्यादा उत्पीड़न हुआ।
उन्होंने पूछा कि बार-बार सत्ता में रहने के बावजूद इन दोनों दलों ने दलित समाज को न्याय और सामाजिक सम्मान क्यों नहीं दिया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकाल के जौनसार-बावर मंदिर प्रवेश विवाद और सोहन राम हत्याकांड का जिक्र किया। वहीं, भाजपा शासनकाल के टिहरी में जितेंद्र दास व केतन लाल की मौत, चंपावत का भोजनमाता विवाद, अल्मोड़ा में दूल्हे को घोड़ी से उतारने और उत्तरकाशी के सालरा मंदिर प्रवेश विवाद जैसे मामलों को उठाकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण की घटना की निंदा करते हुए बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
‘शुद्धीकरण’ के खिलाफ कांग्रेस की हुंकार
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धीकरण’ मामले की गूंज एक बार फिर राजधानी देहरादून में सुनाई दी। घटना के विरोध में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया। पार्टी के एससी-एसटी समुदाय से संबंध रखने वाले सांसदों की कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में बैठक हुई। एम. रवि ने बताया कि 32 सांसदों ने तय किया कि मामले को हर स्तर पर उठाएंगे और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे।
विभाजन की राजनीति कर रही भाजपा: प्रीतम
वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की राजनीति अब विकास के सवालों से हटकर समाज में विभाजन पैदा करने तक पहुंच गई है। हरक सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को नफरत और भेदभाव की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, राष्ट्रीय महासचिव गुरदीप सिंह सप्पल, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम को ‘अशुद्ध’ बताना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। कांग्रेस इस मानसिकता के खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाएगी।
‘कांग्रेस नाराज फूफा की तरह छाती पीटना बंद करे’
हल्द्वानी में कथित ‘शुद्धीकरण’ को झूठा नैरेटिव बताकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘नाराज फूफा’ की तरह छाती पीटना बंद करे। कैंट रोड स्थित मुख्य सेवक सदन में धामी सोमवार को मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर मुद्दे में जाति तलाशकर समाज को भड़काने की सियासत बंद करनी चाहिए। हल्द्वानी प्रकरण से जुड़े सभी तथ्य सबके सामने हैं। उनके मुताबिक, रामलीला मैदान में फैली गंदगी और ‘जेहादी मानसिकता’ के नारों के बाद एक सामाजिक संस्था ने अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार वहां सामान्य शुद्धीकरण कार्यक्रम किया था। लेकिन, कांग्रेस ने इसे दुष्प्रचार के जरिये दलित अपमान से जोड़ दिया।
राजनीति का पुराना तरीका
धामी ने आगे कहा कि जब किसी का अपमान ही नहीं हुआ तो कांग्रेस ‘नाराज फूफा’ की तरह बेवजह छाती पीटने का नाटक क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का पुराना तरीका है कि जहां कोई अपमान नहीं हुआ हो, वहां अपमान का नैरेटिव खड़ा किया जाए, फिर जाति का रंग डालकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जाए। धामी ने कहा कि झूठा नैरेटिव गढ़ना कांग्रेस के डीएनए में है, लेकिन अब देश की जनता ऐसे किसी दुष्प्रचार के बहकावे में आने वाली नहीं है।


