Visitors growing up in the Kashi Vishwanath temple - काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ DA Image

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काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

चारधाम यात्रा प्रारंभ होते ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। यमुनोत्री-गंगोत्री धाम की यात्रा पर आए तीर्थयात्री जिला मुख्यालय पर ठहराव के दौरान यहां पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। चारधाम यात्रा के तीसरे दिन दोनों धामों में जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां गंगा एवं यमुना के दर्शनों को पहुंचे। वहीं जिला मुख्यालय के मध्य स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शनों के लिए भी यात्रियों का हुजूम उमड़ रहा है। गुरुवार को चारधाम यात्रा पर आये हैदराबाद, महाराष्ट्र तेलंगाना सहित गुजरात के यात्रियों ने गंगोत्री धाम की यात्रा पर जाने से पूर्व हजारों यात्रियों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान तीर्थ यात्रियों ने मंदिर परिसर स्थित प्राचीन शक्ति स्तंभ सहित परशुराम मंदिर, गंगा मंदिर, केदार मंदिर, गोपाल मंदिर, सहित कंडार देवता मंदिरों के दर्शन किए। जिससे इन मंदिरों में भी खासी भीड़ लगी रही। वहीं दोनों धामों में बड़ी संख्या में पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को देख स्थानानीय होटल व्यवसायियों के चहरे भी खिल उठे हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र मटूड़ा ने बताया कि इस बार चारधाम यात्रा बेहतर चलने की उम्मीद है। कहा कि सात मई को प्रारंभ हुई चारधाम यात्रा के लिए अगले 30 जून तक गंगा एवं यमुना घाटी के होटल पैक हैं। इससे यात्रा अच्छी चलने की उम्मीद है। गंगोत्री जाने से पूर्व करें बाबा विश्वनाथ के दर्शन उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में द्वार हर समय खुले हैं। भारत में यूं तो तीन काशी प्रसिद्ध हैं। एक काशी वाराणसी वाली काशी है। तो दो काशी उत्तराखंड में हैं, जिसमें पहला है उत्तरकाशी और दूसरा है गुप्तकाशी। नगर क्षेत्र के बीचों बीच बने इस मंदिर में भगवान भोलेनाथ काशी विश्वनाथ के रूप में विराजमान हैं। मान्यता है कि उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शनों का फल वाराणसी के काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शनों के फल के बराबर है। काशी विश्वनाथ का ये मंदिर साल भर भक्तों के लिए खुला रहता है। गंगोत्री जाने से पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन काफी जरूरी हैं। मंदिर के ठीक सामने मां पार्वती त्रिशूल रूप में विराजमान है। जहां पर वर्ष भर माँ दुर्गा की शक्ति स्तम्भ के रूप में पूजा की जाती है। इसलिए यमुनोत्री धाम की यात्रा करने के बाद सैंकड़ों श्रद्धालु जिला मुख्यालय पहुंच बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। जिसके बाद गंगोत्री व केदारनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे हैं।

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