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उत्तरकाशी

नाग देवता के मेले में झूमे ग्रामीण

हिन्दुस्तान टीम,उत्तरकाशीPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 04:40 PM
नाग देवता के मेले में झूमे ग्रामीण

कमल सिरांई के जयसाण थोक के 13 गावं में शिकारू नाग देवता के मेले की शुरुआत बुद्धपूर्णिमा से जागमाता खलाड़ी गावं से शुरू हो गई है। जहां पूरे सावन मास में ईष्ट देवता की पालकी नेत्री, दडमाणा, मैराना, करडा समेत सिकारू, चपटाडी, आराकोट आदि 13 गांव भ्रमण के बाद देवता थान पुजेली में एक वर्ष के लिए स्थापित होंगे।

शनिवार को शिकारू नाग देवता की पालकी पारंपरिक वाद्य यंत्रों व ढोल दमाऊ रणसिंह के साथ पांचवें दिन करडा गावं पहुंचे। जहां गांव में ढोल दमाऊं व धूप दीप से ग्रामीणों ने पालकी का भव्य स्वागत कर पूजा अर्चना की। जिसके बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से स्थानीय पकवान बना कर त्योहार मनाया। जहां देर रात तक तांदी गीत, रासों के साथ जमकर झूमें। वहीं ग्रामीणों ने अपने आराध्य देवता के पश्वा से गांव व परिवार की खुशहाली की मन्नतें मांगी। गांव के स्याणा व पूर्व प्रधान जगमोहन रावत, धीरपाल सिंह रावत, विनोद रतूडी ने बताया कि क्षेत्र में रोपाई, मंडवा, चौलाई आदि फसलों की निराई-गुड़ाई के बाद क्षेत्र में मेले की शुरूआत जागमाता खलाडी से होकर समापन देवता के थान पुजेली में होता है। इस मौके पर थोकदार व मंदिर समिति अध्यक्ष जवाहर सिंह रावत, जगमोहन सिंह रावत, फकीर चन्द, ऱविंद्र सिंह, राम नारायण सिंह, पुजारी श्यालिकराम नौटियाल, मोहन लाल आदि मौजूद थे।

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