
कुफारा गांव में भालुओं और गुलदार की दहशत में ग्रामीण
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भालुओं और गुलदारों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। हाल ही में कुफारा गांव में भालुओं का झुंड दिखाई दिया, जिससे दहशत का माहौल बन गया। वन विभाग ने गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को लागू करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने भी ठोस कदम उठाने की मांग की है।
जहां विगत कुछ महीनों से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भालुओं व गुलदार के आतंक से लोग खासे परेशान हैं वन विभाग सहित पूरा प्रशासन पुरजोर रोकथाम के उपाय में लगा है। वहीं पुरोला ब्लॉक के कमल सिराईं पट्टी के कुफारा गांव में सोमवार को भालुओं का एक झुंड गांव बस्ती के नजदीक मस्ती में घूमता नजर आया जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। जहां एक ओर रविवार को कुफ़ारा गांव के बंगतार नामे तोक में खेतों के बीचों बीच स्वयं की जमीन में गांव के ही शूरवीर सिंह चौहान का बड़ा बेल बाघ ने मार कर अपना निवाला बनाया वंही दूसरी ओर सोमवार को कुफारा गांव के नजदीक ही बाईगाड्ड नामे तोक में भालुओं का एक झुंड आ दमका जिससे ग्रामीणों में खासी चिंता बनी है।
गांव के स्याणा कमला राम सहित उपेंद्र शर्मा,कनिष्ठन प्रमुख अनिल शर्मा व भगवान सिंह ने कहा कि गनीमत रही कि बाईगाड्ड में रहने वाले रहने वाले परिवारों के कुत्तों को जब भनक लगी और भौंकने लगे आसपास ग्रामीणों को सक हुवा ओर हल्ला मचाया जिसको सुन भालू जंगल की ओर भागे। जिस कारण से गांव बस्ती में नही घुस पाए। गांव के अरुण शर्मा, संजय,भगवान सिंह व अर्जुन सिंह आदि ने चिंता व्यक्त करते हुए विभाग को गस्त बढ़ाने सहित जंगली जानवरों को बस्तियों में घुसने को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की। वहीं टोंस वन प्रभाग के डीएफओ डीपी बलूनी का कहना है कि बस्तियों में जंगली जानवरों की चहलकदमी चिंता जनक है जिसको देखते हुए विभाग गस्त बढ़ाने के साथ ही अन्य सुरक्षात्मक उपायों व जनजागरूकता को लेकर प्राथमिकता से जुटा है।

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