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बड़कोट में दो अगस्त को जुटेगी रवाईं घाटी

यमुनाघाटी जिले को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। रविवार को बड़कोट में यमुनोत्री रवाईं पृथक जनपद संघर्ष समिति और नगर व्यापार मंडल की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा बनाई गई।यमुनाघाटी जिले की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसे लेकर दो अगस्त को बड़कोट में समूची रवाईं घाटी के लोग जुटेंगे। इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए राणा लॉज में बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि समिति आंदोलन को बड़ा रूप देने के लिए बड़कोट, नौगांव, पुरोला और मोरी सहित पूरी रवाईं घाटी के लोगों को एकत्रित करेगी। इन सभी के सहयोग से आंदोलन किया जाएगा। संघर्ष समिति अध्यक्ष अब्बल चंद कुमांई ने कहा कि पृथक जिले की मांग को लेकर इस घाटी से जनप्रतिधियों सहित गणमान्य लोगों को शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिलने गया था। लेकिन, उन्हें वहां से जो निराशा मिली है, उससे सभी आहत हैं। अब यह आंदोलन सड़क पर लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि रवाईं घाटी अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन को जानी जाती है। फिर चाहे वह तिलाड़ी कांड के बाद का आंदोलन हो या उत्तराखंड राज्य के लिए। अब पृथक जनपद की मांग भी आंदोलन के जरिये ही पूरी की जाएगी। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजाराम जगूड़ी, सचिव सुभाष रावत, राजेश उनियाल, गोविंदराम डोभाल, रामानंद डबराल, जयेन्द्र सिंह रावत, भजन सिंह, सुंदर सिंह असवाल, उज्ज्वल सिंह असवाल, नरोतम रतूड़ी, जबर सिंह रावत सहित व्यापार मंडल और नगर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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  • Web Title:The entire Rannai valley will be assembled at Badkot on August 2