
मातली गांव में शुरू हुआ श्रीकृष्ण लीला का मंचन
मातली गांव में श्रीकृष्ण लीला का मंचन शुरू हो गया है। पहले दिन भगवान विष्णु नारायण, नाराद, देवकी और वासुदेव के संवाद का मंचन हुआ। गांव के प्रधान श्रीश बहुगुणा ने इस आयोजन का शुभारंभ किया। आचार्य गणेश महाराज ने संस्कृति और संस्कार की रक्षा पर जोर दिया। ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी, जो इस कार्यक्रम में शामिल हुई।
मातली गांव में श्रीकृष्ण लीला का मंचन शुरू हो गया है। पहले दिन भगवान विष्णु नारायण, नाराद, देवकी और वासुदेव के घर में कंस के कारागार में डालने का संवाद किया गया। वहीं, पहली बार श्रीकृष्ण लीला का मंचन होने के कारण आस पास के ग्रामीणों की खूब भीड़ उमड़ी। मातली में भगवान कपिल मुनि महाराज की अगुवाई में आयोजित श्रीकृष्ण लीला का शुभारंभ ग्राम प्रधान श्रीश बहुगुणा ने किया। उन्होंने ग्रामीणों को श्रीकृष्ण लीला को अपने जीवन में उतारने की सलाह दी। इस दौरान आचार्य गणेश महाराज ने कहा कि मातली गांव में पहली बार श्रीकृष्ण लीला का मंचन किया जा रहा है।

कहा कि आज के समाज में शिक्षा की कमी नहीं है, लेकिन हमार संस्कृति और संस्कार गिरते जा रहे हैं। संस्कार और संस्कृति को बनाए रखने के लिए अपने आने वाली पीढ़ी को धरोहर के रूप में हम अपनी संस्कृति आध्यात्मिक कार्यों की और प्रेरित करने के लिए एक कार्य कर रही है। पहले दिन श्रीकृष्ण लीला में देव ऋषि नारद ने भगवान विष्णु को कंस के द्वारा संसार में होने वाले अत्याचार को बताया। जिस पर भगवान ने नारद को पृथ्वी पर अवतार होने की बात बताई। इस मौके पर दिनेश जुयाल, आकाश सेमवाल, मनवीर रावत, पूजा जुयाल, ममता, शक्ति चौहान, सुमित राणा, केशव पंत, सुंदर लाल पंत, जलम दास, कपिल नौटियाल, गिरीश नौटियाल, रानी जुयाल आदि मौजूद रहे।

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