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कार्याशाला में दी लोक संस्कृति एवं लोक विधाओं की जानकारी

संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से राइंका गंगोरी में लोक संस्कृति संरक्षण, स्वांग एवं पांडव नृत्य को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें युवा पीढ़ी को स्थानीय लोक संस्कृति व लोक विधाओं से जोड़ने के साथ ही उन्हें संरक्षित रखने की जानकारी दी गई। राजकीय इंटर कालेज गंगोरी में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए लोक रंगकर्मी चंद्रमोहन भट्ट ने किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में महिला किसान विकास समिति की ओर से ढोल की थाप पर लोकभाषा में बाड़ाहाट के आराध्य कण्डार देवता की स्तुति का गान किया। महिलाओं की ओर से रासौं नृत्य की प्रस्तुती दी और कार्याशाला में मौजूद स्कूली छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी दी। वहीं इसके बाद कार्यशाला बाड़ाहाट के पांडव नृत्य को लेकर स्वांग नृत्य विधा का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस मौके पर लोक गायक ओम बधानी ने पंडा नृत्य के विभिन्न पहलुओं एवं गढ़ लोक समाज में इसकी मौजूदगी के बारे में बच्चों व महिलाओं को विस्तार से जानकारी दी गई। वहीं प्रशिक्षक रंगकर्मी जगेन्द्र शाह ने पांडव नृत्य के ऐडी स्वांग, घोड़ी स्वांग सहित अन्य विधाओं में प्रयुक्त सामग्री की जानकारी दी। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजपाल पंवार, लोक गायक ओम प्रकाश सेमवाल, महिला किसान विकास समिति की अध्यक्ष पवना सेमवाल, राधिका, सर्वेश्वर नौटियाल अध्यक्ष वि़द्यालय प्रबंधन समिति, अरविंद रावत अध्यक्ष अभिभावक संघ, सुरेन्द्र पुरी सचिव लोकरंग, राजेन्द्र सेमवाल, संदीप सेमवाल, ढोल वादक हुकम दास, गुड्डृ , उद्वव, राजेश अक्स, मंगल सिंह आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Information about the folk culture and folk arts given in the workshop