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उत्तरकाशी

बाहरी व्यक्तियों नामित कर रही सरकार: उपाध्याय

हिन्दुस्तान टीम,उत्तरकाशीPublished By: Newswrap
Sat, 19 Jun 2021 03:30 PM
बाहरी व्यक्तियों नामित कर रही सरकार: उपाध्याय

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्यक्ष ने प्रदेश सरकर पर राज्य केतीर्थ और धामों को पूँजीपतियों का “चेरी”बनाने का आरोप लगाया है। कहा कि सरकार थोडे पैसे के लालच में स्थानीयता और उत्तराखंडियत की उपेक्षा कर बाहरी व्यक्तियों को धार्मिक संस्थाओं में नामित कर रही है। सरकार को इन नियुक्तियों को तुरन्त वापिस लेना चाहिए ।

देवस्थानम् बोर्ड के भंग करने की मांग को लेकर आंदोलित तीर्थ पुरोहितों को समर्थन देते पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्यक्ष ने सीएम तीरथ सिंह रावत को पत्र लिखकर शीघ्र देवास्थनाम् बोर्ड को भंग करने की मांग करते हुए बनाये गये नियम-क़ानूनों को वापिस लेने की बात कही है। कहा कि सरकार ने तीर्थ पुरोहितों को विश्वास में लिये बिना यह काला क़ानून उन पर थोप दिया और उनके पुश्तैनी हक़-हकूकों और अधिकारों का क़त्ल कर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सरकार पर एक जाति विशेष व समुदाय के प्रति वैमनस्य का भाव रखकर सामाजिक समरसता के ताने-बाने को नष्ट कर देन चाहती हैं। कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वयं इस काले क़ानून की समाप्ति की घोषणा की थी और अब वे इससे मुकर रहे हैं ।

उपाध्याय ने मुख्यमंत्री से कहा है कि उन्होंने देश के तीर्थ पुरोहित समाज से भी इस बारे में वार्ता कर अनुरोध किया है और कहा है कि यदि सरकार ने अपना यह निर्णय वापस नहीं लेती तो वे उत्तराखंड के तीर्थ पुरोहित समाज के साथ खड़े होकर भाजपा के इस सनातन धर्म विरोधी कृत्य का विरोध करें।

उपाध्याय ने पत्र में कहा कि वे शीघ्र इस सम्बन्ध में पूज्य शंकराचार्यों व सनातन धर्मी मूर्धन्य हस्ताक्षरों से भी अनुरोध करेंगे कि वे सरकार का मार्गदर्शन करें और इस बारे में दबाब बनायें।

उपाध्याय ने कहा कि वनाधिकार आन्दोलन राज्य के वनों पर उत्तराखंडियों के पुश्तैनी हक़-हकूक़ों और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और तीर्थ पुरोहितों के साथ हो रहे अन्याय का प्रतिकार करता है।तीर्थ पुरोहितों को समर्थन देता है।

उपाध्याय ने पत्र में कहा कि आगामी विधान सभा सत्र में सरकार इस काले क़ानून की समाप्ति हेतु विधेयक लाये।

उपाध्याय ने उप-नेता प्रतिपक्ष श्री करण माहरा से भी इस सम्बन्ध में विधान सभा में प्रस्ताव लाने का अनुरोध किया है।

उपाध्याय ने कहा है कि सरकार उत्तराखंडियों के वनों पर पुश्तैनी हक़-हकूक़ों व अधिकारों के प्रति उदासीन है और यदि सरकार ने देवस्थानम बोर्ड के काले क़ानून को वापस नहीं लिया तो वे और उनके साथी COVID-19 के नियमों का पालन करते हुये विधान सभा पर विरोध स्वरूप विधान सभा सत्र में धरना देकर विरोध करेंगे।

किशोर उपाध्याय

पूर्व विधायक

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