After the written assurance the villagers will end the dam - लिखित आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त करेंगे ग्रामीण DA Image

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लिखित आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त करेंगे ग्रामीण

सतलुज जल विद्युत परियोजना से प्रभावित आंदोलनरत नैटवाड व बैनोल के ग्रामीणों ने परियोजना अधिकारियों से बातचीत के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने कहा है कि मौखिक नहीं वह लिखित रूप से यदि अधिकारी उनकी मांगों को मानने को तैयार होते हैं। तो ही ग्रामीण अपना धरना समाप्त करेंगे। मोरी ब्लाक में टोंस नदी पर सतलुज जल विद्युत निगम की 60 मैगावाट का हाइड्रो प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। जिस का निर्माण कार्य ग्रामीणों के आंदोलन के कारण बीते 8 दिनों से बन्द पड़ा है। यहां प्रभावित ग्रामीणो का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। ग्रामीणों की मूलभूत मांगे हैं कि प्रभावित ग्रामीणो को रोजगार, ब्लास्टिंग से मकानों को जो नुकसान हुआ है उसका प्रति मकानों का 15 लाख मुआवजा, प्रभावित परिवारों को मुफ्त बिजली,नैटवाड गांव व बाजार क्षेत्र की रोकथाम के लिए सुपिन व रुपिन किनारे सुरक्षात्मक कार्य,बैनोल से केवला गांव तक मोटर मार्ग, बैराज स्थल से नैटवाड गांव तक मोटर मार्ग, प्रभावित ग्रामिणो को रोजगार, स्वास्थ्य,शिक्षा,प्रति परिवार को के सदस्यों व जानवरों सहित नगदी फसलों को बीमा योजना से जोड़ा जाय, प्रभावित ग्रामिणो के स्कूल बसों की सुविधा,मोरी में एक इंग्लिश मीडियम स्कूल खोला जाय, मोरी के प्रभावित क्षेत्र में एक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाय, सहित खेल मैदान का निर्माण किया जाय। जब तक सभी मांगे लिखित रूप से नही दी जायेगी तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरने स्थल पर अनिल रांगड,भरत रावत,कलापति,रेखा देवी,सुरमा,हजारी सहित दर्जनों ग्रामीण बैठे रहे।

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