Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में रूठे मेघों के बीच राहत! आज इन इलाकों में बारिश, 28 जून तक अलर्ट

लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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Uttarakhand Weather 24 june: उत्तराखंड में इस बार जून में 35 फीसदी कम बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। रूठे हुए मेघों के बीच राहत के आसार हैं। आज 8 जिलों में बारिश हो सकती है।

Uttarakhand Weather 24 june

Uttarakhand Weather 24 june: उत्तराखंड में जून महीने में कम बारिश ने किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण जून माह में प्रदेश के 13 में से 12 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं, पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा सामान्य से 35% कम रहा। मौसम विभाग ने ताजा भविष्यवाणी में कहा है कि उत्तराखंड में मॉनसून 29 और 30 जून तक आ सकता है। आज देहरादून, टिहरी समेत आठ जिलों में गर्जन के साथ बारिश की संभावना है। शेष जनपदों में हल्की बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस ने लोगों के साथ किसानों की भी परेशानी बढ़ा दी है। हरिद्वार में धान और गन्ने पर संकट छा गया है। उत्पादन 20% तक घटने की आशंका है। ऊधमसिंह नगर में भी धान, गन्ना, आम और लीची की फसल प्रभावित हुई है। जौनसार-बावर क्षेत्र में मक्का, हरा धनिया, टमाटर और सेब की फसल पिछड़ गई है। नैनीताल में सेब, पुलम, खुमानी और नाशपाती के उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है।

दूसरी ओर अल्मोड़ा जिले में ओलावृष्टि से पहले ही फल उत्पादन प्रभावित है। हालांकि बागेश्वर, चमोली और चंपावत में फिलहाल खेती सामान्य है। यहां अच्छी बारिश से राहत है।

8 जिलों में बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी और पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन की संभावना है। राज्य के बाकी जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश हो सकती है। मौसम का यह सिलसिला आगामी 28 जून तक रहेगा। 26 से 28 जून तक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, टिहरी और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों में गर्जन के साथ बारिश की संभावना है।

जौनसार-बावर क्षेत्र में मक्का की बुवाई में देरी

देहरादून जिले के जौनसार-बावर और त्यूणी क्षेत्र में बारिश नहीं होने से मक्का की बुवाई समय से नहीं हो सकी। क्षेत्र की प्रमुख नगदी फसल हरा धनिया भी प्रभावित हुई है। टमाटर और हाई डेंसिटी सेब के बागानों में फलों का आकार सामान्य से काफी छोटा है। किसानों राजेंद्र चौहान, बलबीर राणा, कर्मचंद राणा और कुंवर सिंह का कहना है कि वैकल्पिक सिंचाई से भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा।

हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर में सबसे कम बारिश हुई

उत्तराखंड के 13 में से 12 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि केवल टिहरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई। सबसे अधिक असर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में देखने को मिला है, जहां 74 और 72 फीसदी कम बारिश हुई है। कम बारिश से मैदानी इलाकों का तापमान सामान्य से तीन डिग्री तक ऊपर पहुंच गया है और खरीफ की फसलों के साथ बागवानी भी संकट में आ गई है।

किसानों की उम्मीद अब केवल मानसून पर

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान-गन्ने की फसल इस समय पानी पर सबसे अधिक निर्भर है। यदि जून के अंतिम सप्ताह तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन की उत्पादकता प्रभावित होगी।

मई में खूब बरसे थे बादल, जून में सूख गए खेत

मई में सामान्य से 34 फीसदी अधिक बारिश हुई थी। मई में सामान्य 62.6 मिमी के मुकाबले 84.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जून में अब तक केवल 74.9 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 115.6 मिमी होनी चाहिए थी।

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र निदेशक डॉ. सीएस तोमर का कहना है कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण जून में सामान्य से कम बारिश हुई है। 29 से 30 जून तक प्रदेश में मॉनसून पहुंचने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञ राजा राम का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान और गन्ने पर असर पड़ेगा। किसानों को धान की रोपाई पर्याप्त वर्षा के बाद ही करनी चाहिए।

ऊधमसिंह नगर में धान, गन्ना और फलों पर असर

काशीपुर, रुद्रपुर और सितारगंज क्षेत्र में बारिश की कमी से गन्ने की फसल प्रभावित होने लगी है। धान की रोपाई ट्यूबवेल के भरोसे हो रही है। जनवरी-फरवरी में कम बारिश के कारण आम और लीची की पैदावार पहले ही घट चुकी है। किसान बहादुर सिंह का कहना है कि सिंचाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है।

पहाड़ में मिले-जुले हालात

नैनीताल जिले में वर्षा सामान्य से कम जरूर रही, लेकिन बुवाई प्रभावित नहीं हुई है। वहीं, रामगढ़, धारी में सेब, पुलम, खुमानी, आड़ू और नाशपाती के उत्पादन में 50 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका है। अल्मोड़ा में धान की बुवाई समय पर हुई है, लेकिन पूर्व में ओलावृष्टि से सेब, आड़ू और पुलम को नुकसान हुआ है। जिले में तीन वर्षों में फल उत्पादन 2092 मीट्रिक टन घट चुका है। बागेश्वर, चमोली और चम्पावत में समय पर हुई बारिश से धान, मड़ुवा और अन्य फसलों की बुवाई सामान्य रूप से चल रही है। कृषि विभाग ने इन जिलों में अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई है।

Gaurav Kala

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