Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी, आज स्कूलों की छुट्टी; कहां-कहां अलर्ट

लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
Follow us on Google News
share

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग ने 17 अगस्त तक बारिश की चेतावनी दी है। विशेषकर देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में अलर्ट है। तीन जिलों में स्कूलों की आज छुट्टी है।

Uttarakhand Weather 14 aug
उत्तराखंड में आज से तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में आज से 17 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में बारिश का अनुमान जताया है। देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके चलते शुक्रवार को देहरादून, पिथौरागढ़ और नैनीताल के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मौसम विभाग के निदेशक डॉ.सीएस तोमर ने बताया कि देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। वहीं, प्रदेश के अन्य जनपदों में बारिश के अनुमान को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।

पिथौरागढ़-नैनीताल में भी अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए पिथौरागढ़ और नैनीलात के प्रशासन ने शुक्रवार को स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया है। 14 को जनपद के कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी विद्यालयों व समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ.सीएस तोमर ने बताया कि देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में यलो अर्लर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में भू-धंसाव का संकट, खतरे में 461 गांव

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा, भू-धंसाव और भूस्खलन का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में 461 से अधिक गांव अति-संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं, जहां लगातार दरारें और भू-धंसाव की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं।

धारचूला, मुनस्यारी और बलियानाला भी संकट में

पिथौरागढ़ का धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र, उत्तरकाशी का भटवाड़ी एवं वरुणावत क्षेत्र तथा नैनीताल का बलियानाला क्षेत्र भी गंभीर संकट से जूझ रहा है। उधर, इसरो के लैंडस्लाइड एटलस और आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के मुताबिक, भूस्खलन के खतरे के मामले में रुद्रप्रयाग और चमोली जिले टॉप पर हैं। रुद्रप्रयाग के केदारनाथ घाटी, ऊखीमठ एवं गुप्तकाशी के 20 से अधिक गांव धंसाव झेल रहे हैं। वहीं, चमोली जिले में जोशीमठ के बाद अब थराली, पोखरी और पीपलकोटी के 50 से अधिक गांवों पर खतरा मंडरा रहा है।

दरकते पहाड़ बन रहे चुनौती

राज्य में दरकते पहाड़ लगातार चुनौती बनते जा रहे हैं। हिमालय की कमजोर भूगर्भीय संरचना के साथ ही मेन सेंट्रल थ्रस्ट जैसी फॉल्ट लाइन्स के कारण चट्टाने बेहद कमजोर हैं। इसमें अचानक कम समय में होनी वाली भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं पहाड़ी ढलानों को धंसा रही हैं। साथ ही बिना वैज्ञानिक अध्ययन और क्षमता जांचे बहुमंजिला इमारतों का निर्माण, पानी और सीवरेज की उचित निकासी न होने से भी जमीन के अंदर दरारें पैदा हो रही हैं।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsउत्तराखंड न्यूज़उत्तराखंड में 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी, आज स्कूलों की छुट्टी; कहां-कहां अलर्ट