भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड में 30 अप्रैल तक बिजली कटौती, UPCL बोला- ईरान-अमेरिका युद्ध का असर

देहरादून
Follow us on Google News
share

Uttarakhand Power Cuts: उत्तराखंड में 30 अप्रैल तक बिजली कटौती का संकट रहने वाला है। यूपीसीएल ने भी इस संकट को स्वीकार किया है। तर्क दिया है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते यह संकट बढ़ गया है।

भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड में 30 अप्रैल तक बिजली कटौती, UPCL बोला- ईरान-अमेरिका युद्ध का असर

Uttarakhand Power Cuts: उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच बिजली की किल्लत ने उद्योगों से लेकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक संकट गहरा गया है। यह स्थिति 30 अप्रैल तक बनी रह सकती है। यूपीसीएल प्रबंधन खुद इसे स्वीकार रहा है। हालांकि, उसका यह भी दावा है कि, एक मई से आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। यूपीसीएल के अनुसार, ईरान-अमेरिका में तनाव का असर भी बिजली आपूर्ति पर पड़ा है।

दरअसल, अप्रैल महीने में अचानक उपलब्धता घटने से बिजली संकट हो गया। महीने की शुरुआत में जल विद्युत उत्पादन करीब 100 मेगावाट कम हो गया। केंद्रीय पूल से मिलने वाली लगभग 150 मेगावाट हाइड्रो पावर भी घट गई। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग से समय पर बिजली खरीद की मंजूरी नहीं मिलने के कारण स्थिति और बिगड़ गई। नतीजतन, बिजली का संकट गहरा गया। हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फर्नेस उद्योगों में 12 से 13 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीण इलाकों में चार से छह घंटे और छोटे शहरों में 2 से 4 घंटे तक कटौती की जा रही है। उधर, इन परिस्थितियों पर यूपीसीएल ने सफाई भी दी है।

गैस महंगी, नदियों में भी घटा जलस्तर

गैस की ऊंची कीमतों के कारण 321 मेगावाट क्षमता का गैस पावर प्लांट संचालित नहीं हो पा रहा है। नदियों में पानी कम होने से उत्तराखंड सहित देशभर में हाइड्रो पावर उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही, इन दिनों बिजली की मांग में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बता दें कि, बिजली कटाैती से उद्योगों के उत्पादन पर अक्सर असर पड़ रहा है। बहादराबाद स्थित सिडकुल में कई ऐसे उद्योग हैं, जिनके पास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, ऐसे में जब बिजली कटाैती होती है तो उनके यहां उत्पादन ठप पड़ जाता है।

तर्क: ईरान-अमेरिका में तनाव का भी पड़ा असर

यूपीसीएल के अनुसार, ईरान-अमेरिका में तनाव का असर भी बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। गैस संकट के चलते इंडक्शन के इस्तेमाल में बढ़ोतरी हुई, जिससे 50 से 100 मेगावाट तक अतिरिक्त मांग बढ़ गई। इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग और तापमान में उछाल भी बिजली की मांग बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।

बिजली उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

यूपीसीएल के एमडी जीएस बुदियाल ने उपभोक्ताओं से 30 अप्रैल तक सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि अचानक बढ़ी मांग और कम उपलब्धता के कारण यह संकट खड़ा हुआ है। इससे निपटने के लिए अग्रिम बिजली खरीद समझौते किए जा रहे हैं और लोड प्रबंधन भी लागू है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक मई से स्थिति सामान्य हो जाएगी।

मई-जून में मिलेगा अतिरिक्त कोटा

धामी सरकार ने केंद्र से मई और जून के लिए अतिरिक्त बिजली कोटा देने का अनुरोध किया है। इसके तहत उत्तराखंड को मई और जून में 193-193 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने की संभावना है। साथ ही, 150 मेगावाट अतिरिक्त कोटा देने का आश्वासन भी मिला है। ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल के अनुसार, यूईआरसी ने एक से 15 मई तक 100 मेगावाट और 16 से 31 मई तक 225 मेगावाट बिजली खरीद की मंजूरी दी है।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।