दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर बांध ढहा, देहरादून में पुल बहा; 120 सड़कें बंद, आज भी अलर्ट
उत्तराखंड में मॉनसून का कहर जारी है। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर बांध का हिस्सा ढह गया। देहरादून में पुल बह गया। प्रदेशभर में 120 सड़कें बंद हैं। आज भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में हो रही बारिश से सड़कों के बंद होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यभर में 120 सड़कें बंद हैं। इस वजह से आम लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हुई और जनजीवन भी प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए देहरादून समेत छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। उधर, लखवाड़ बहुउद्देश्यीय बांध प्रोजेक्ट का निर्माणाधीन हिस्सा भरभराकर दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर गिर गया।
दूसरी ओर प्रेमनगर में नंदा की चौकी के पास टौंस नदी पर बने अस्थायी पुल शनिवार रात बह गया। इस कारण रविवार सुबह करीब 11 बजे तक आवाजाही ठप रही और लोगों को दस किमी घूमकर सफर करना पड़ा। बाद में लोनिवि को आनन-फानन में नए पुल पर ट्रैफिक खोलना पड़ा। 11 घंटे बाद लोगों को राहत मिल सकी।
आज कहां-कहां अलर्ट
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि सोमवार को पहाड़ी जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश संभव है। मैदानी क्षेत्रों में कुछ ही जगह हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। दून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ कुछ जगह तीव्र से अति तीव्र वर्षा का दौर चलने की भी आशंका है।
मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। रविवार को दून का अधिकतम तापमान 33.3 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंतनगर में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री दर्ज किया गया।
120 सड़कें बंद
लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पौड़ी में सर्वाधिक 20, चमोली में 17, पिथौरागढ़ में 14 और उत्तरकाशी में करीब 15 सड़कें बंद हैं। लोनिवि के एचओडी राजेश शर्मा ने बताया कि सभी बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है। कुछ जगह बड़ी मात्रा में भूस्खलन हुए हैं। ऐसे में इन सड़कों को खोलने के काम में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि सभी डिविजनों को सड़क संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
जौनसार के 13 मोटर मार्गों पर यातायात ठप
जौनसार में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ों से गिरते मलबे और पत्थरों की चपेट में आकर रविवार को कुल 13 मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए।
लखवाड़ बांध का हिस्सा ढहा
बारिश के बीच शनिवार रात लखवाड़ बहुउद्देश्यीय बांध प्रोजेक्ट का निर्माणाधीन हिस्सा भरभराकर दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से निर्माणदायी कंपनी के कई वाहन और उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, इस हादसे के समय श्रमिक-कर्मचारी दूसरे हिस्से में काम कर रहे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक तेज आवाज के साथ बांध परियोजना का निर्माणाधीन हिस्सा ढह गया और भारी मात्रा में मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरा। इस मलबे में दबने से निर्माण कार्यों में लगाई गईं दो ड्रिलिंग मशीनें, एक जेसीबी, एक डंपर और एक कंप्रेशर मशीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जिस जगह यह घटना हुई, वह दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का व्यस्त हिस्सा है। इसी मार्ग से रोजाना गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही यमुना घाटी के लोग भी आवागमन करते हैं।
अर्ली वॉर्निंग सिस्टम सक्रिय
यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यूजेवीएनएल ने अर्ली वॉर्निंग सिस्टम सक्रिय कर दिया है। यूजेवीएनएल ने यमुना तटवर्ती क्षेत्रों में व्यासी से कुल्हाल तक पांच अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लगाए हैं। भारी बारिश के चलते रविवार को यमुना 455.37 मीटर के स्तर पर पहुंच गई, जो खतरे के निशान के बराबर है। टाैंस नदी 644 मीटर पर बह रही है, जो खतरे से 0.44 मीटर नीचे है। यह देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से कालसी-विकासनगर के नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बरसात की पहली बड़ी चुनौती ने निर्माण कार्यों और अस्थायी इंतजाम की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए। कालसी क्षेत्र में लखवाड़ बांध परियोजना का निर्माणाधीन हिस्सा भरभराकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरा, वहीं प्रेमनगर में टौंस नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया। संयोग से दोनों जगह जनहानि नहीं हुई, पर करोड़ों के काम और सुरक्षा इंतजामों पर चिंता जरूर बढ़ गई है।
कड़ी मशक्कत से मलबा हटाया, सुबह ट्रैफिक शुरू
नेशनल हाईवे पर इस घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, शनिवार की देर रात ही कड़ी मशक्कत के बाद मलबा मौके से हटाया गया, जिससे रविवार की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो सका।
‘बारिश में निर्माण कार्यों में बाधा सामान्य प्रक्रिया’
इस मामले में यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि शनिवार रात हुई घटना में निर्माण स्थल के एक हिस्से को आंशिक क्षति पहुंची है, जो बरसात के दौरान निर्माण कार्यों में आने वाली सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण कार्य में लगी एक एजेंसी के वाहन और कुछ उपकरणों को नुकसान पहुंचा है।
दून में बारिश के बाद धूप से बढ़ी उमस, तापमान भी चढ़ा
देहरादून। दून में बारिश के बाद रविवार सुबह से खिली धूप से उमस बढ़ गई। हवा में नमी अधिक होने पर दिनभर गर्मी का अहसास हुआ। अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
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