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उत्तराखंड: न्यायिक अधिकारी-न्यायाधीशों पर दर्ज शिकायतों का डेटा होगा सार्वजनिक, SIC का निर्देश

उत्तराखंड: न्यायिक अधिकारी-न्यायाधीशों पर दर्ज शिकायतों का डेटा होगा सार्वजनिक, SIC का निर्देश

संक्षेप:

आरटीआई में मुख्य तौर पर जनवरी 2020 से अप्रैल 2025 तक शिकायतों की कुल संख्या और हाई कोर्ट द्वारा शिकायतों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी थी। संजीव चतुर्वेदी वर्तमान में हल्द्वानी में तैनात हैं।

Jan 13, 2026 02:44 pm ISTMohit लाइव हिन्दुस्तान
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उत्तराखंड सूचना आयोग (SIC) ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार को अधीनस्थ न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों और न्यायाधीशों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जानकारी को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत ये जानकारी मांगी थी जिसे हाई कोर्ट ने सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया था।

ये आदेश 1 जनवरी को हाल ही में हुई सुनवाई के बाद पारित किया गया था। दरअसल संजीव चतुर्वेदी की मांग को खारिज करते हुए कोर्ट ने तर्क दिया था कि जानकारी गोपनियता पर आधारित है और तीसरे पक्ष से संबंधित है। साथ ही कोर्ट की ओर से ये भी कहा गया था कि इस तरह की जानकारी का डेटा जारी करने से पहले चीफ जस्टिस की मंजूरी भी जरूरी है। इसके बाद सूचना आयोग में हुई सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता और हाई कोर्ट की ओर से मामले पर दलीलें पेश की गईं।

संजीव चतुर्वेदी ने 14 मई 2025 को दायर आरटीआई आवेदन में ये जानकारी मांगी थी।

मांगी गई जानकारी पारदर्शिता के दायरे में

सुनवाई के दौरान चुनावी बांड मामले पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच के फैसले का हवाला देते हुए संजीव चतुर्वेदी की ओर से पेश वकील ने कहा कि सूचना का अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से हासिल होता है। कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता द्वारा मांगी गई जानकारी पारदर्शिता के दायरे में आती है। जानकारी देने से इसलिए मना नहीं किया जा सकता कि वह गोपनीय है।

अधीनस्थ न्यायपालिका पर शिकायतें और कार्रवाई का डेटा

आरटीआई में मुख्य तौर पर जनवरी 2020 से अप्रैल 2025 तक शिकायतों की कुल संख्या और कोर्ट द्वारा शिकायतों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी गई थी।आपको बता दें कि संजीव चतुर्वेदी ने 14 मई 2025 को दायर आरटीआई आवेदन में ये जानकारी मांगी थी। संजीव चतुर्वेदी वर्तमान में हल्द्वानी में तैनात हैं। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और चेन्नई हाई कोर्ट भी इसी तरह के मामलों में जानकारी देने से इनकार कर चुके हैं।

Mohit

लेखक के बारे में

Mohit
मोहित ने पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान आईआईएमसी दिल्ली से की है। 2016 में डिजिटल मीडिया डेब्यू। अमर उजाला से शुरुआत फिर एनडीटीवी और जनसत्ता से होकर अब लाइव हिंदुस्तान में बतौर डिप्टी कंटेट प्रोड्यूसर पद पर कार्यरत। स्पोर्ट्स की वेब स्टोरीज कवर करते हैं। पॉलिटिक्स में दिलचस्पी रखते हैं। खाली समय में गेम खेलना और खाना पसंद है। और पढ़ें

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