
उत्तराखंड को रेल सेवाओं के लिए 26 गुना अधिक बजट, 1.39 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
केंद्रीय बजट में इस बार उत्तराखंड को रेल परियोजनाओं के लिए भी बड़ी सौगात मिली है। रेल सेवाओं के लिए इस बार 26 गुना अधिक बजट मिला है। वर्तमान में 1.39 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
केन्द्र से इस बार उत्तराखंड को रेल सेवाओं के लिए 26 गुना अधिक बजट मिला है। राज्य में 4769 करोड़ के बजट से नई रेल परियोजनाओं का विकास होगा। वर्ष 2009 व 2014 के मुकाबले रेल बजट में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की गई है। राज्य में वर्तमान में 1,39,491 करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। यह जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार वार्ता में दी।
केन्द्रीय बजट को लेकर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि बजट में बायोफार्मा क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ का प्राविधान रखा है। इससे उत्तराखंड को बड़ा फायदा मिलने जा रहा है। उत्तराखंड में पैदा होने वाली जड़ी-बूटियों की मांग बढ़ेगी, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान होंगे। बजट में ग्रीन इनर्जी क्षेत्र के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इसका पहला चरण पूरा हो चुका है। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों से निपटने को सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। पिथौरागढ़-अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं।
हर माह औसतन 518 युवाओं को नौकरी का दावा
हालिया साढ़े चार साल में राज्य में हर महीने औसतन 518 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों में इसका दावा किया गया है। प्रदेश की धामी सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में अब तक साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। सरकार का मानना है कि सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता कायम होने से अब युवाओं का चयन एक से अधिक विभागों में हो रहा है। पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालने पर चार जुलाई 2021 से मुख्यमंत्री ने रोजगार और कौशल विकास पर फोकस किया। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर अब के 54 महीने के कार्यकाल में साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री का अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण पर आभार
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन करने पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया।बुधवार को उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून, उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने सीएम से उनके आवास पर भेंट की। उन्होंने अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन करने पर सीएम का आभार व्यक्त किया।

लेखक के बारे में
Gaurav Kalaगौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य
संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।
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परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।
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