पंचायत चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस को मिली ‘बूस्टर डोज’, एकजुट दिखे नेता; गायब रहीं कुमारी शैलजा

May 01, 2025 10:50 am ISTSneha Baluni हिन्दुस्तान, देहरादून। विनोद मुसान
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राष्ट्रीय राजनीति में शीर्ष नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में समन जारी होने के बाद देशभर में संविधान बचाओ पखवाड़ा के तहत रैलियां आयोजित की जा रही हैं। उत्तराखंड कांग्रेस पर भी बड़ी रैली का दबाव था।

पंचायत चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस को मिली ‘बूस्टर डोज’, एकजुट दिखे नेता; गायब रहीं कुमारी शैलजा

उत्तराखंड में सत्ता में वापसी के लिए छटपटा रही कांग्रेस को संविधान बचाओ रैली के माध्यम से बूस्टर डोज मिला है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका गांधी की बतौर स्टार प्रचारक रुड़की में हुई रैली के बाद यह बड़ी रैली थी, जिसमें कांग्रेस के सभी क्षत्रप एकजुट नजर आए। राष्ट्रीय राजनीति में शीर्ष नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में समन जारी होने के बाद देशभर में संविधान बचाओ पखवाड़ा के तहत रैलियां आयोजित की जा रही हैं।

उत्तराखंड कांग्रेस पर भी बड़ी रैली का दबाव था। रैली को सफल बनाने को लेकर प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने पूरा जोर लगा रखा था। हालांकि रैली में उमड़ी भीड़ उतनी नहीं थी, जितना प्रचार किया जा रहा था। तब भी कांग्रेस के लिए यह किसी बूस्टर डोज का काम कर सकती है। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में पंचायत चुनाव भी नजदीक हैं। वर्ष 2027 के चुनाव की तैयारियां भी पार्टी को शुरू करनी हैं। रैली में तमाम नेताओं ने अपने भाषण में इस बात को लेकर जोर दिया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में हर सूरत में वापसी करनी है तो अभी से मैदान में जुटना होगा। लेकिन यह तभी संभव है, जब पार्टी नेता अपने निहित स्वार्थों को दरकिनार कर पार्टी को शीर्ष में रखकर काम करें।

कई नेता आए बारी-बारी, फिर गायब प्रदेश प्रभारी

उत्तराखंड कांग्रेस के विभिन्न कार्यक्रमों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता लगातार शिरकत कर रहे हैं, लेकिन इस बार भी खास मौके पर प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा गायब रहीं। दिसंबर 2023 में पदभार संभालने के बाद शैलजा बामुश्किल दो से तीन बार ही बहुत उत्तराखंड आई हैं। उत्तराखंड कांग्रेस की ओर से संविधान बचाओ रैली में शैलजा के आने की खबर को प्रमुखता से प्रचारित किया गया था, लेकिन वह नहीं आईं।

उम्मीद के मुताबिक कम भीड़

इसे तेज गर्मी का असर कहें या कांग्रेस नेताओं का मिस मैनेजमेंट जिस रूप में पिछले कई दिनों से इस रैली को लेकर तैयारियां की जा रही थीं, वैसी भीड़ नहीं दिखाई दी। पीछे कुर्सियां खाली नजर आईं। लोग दूर पेड़ की छांव में बैठ गए। वहीं सभा में मंच पर भाषण के दौरान पांडल में चढ़ने को लेकर होड़ मची रही।

Sneha Baluni

लेखक के बारे में

Sneha Baluni
पत्रकारिता का करीब एक दशक का अनुभव। दिल्ली यूनिवर्सिटी, भारतीय जनसंचार संस्थान और गुरु जम्बेश्वर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई। दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी खबरों पर विशेष नजर। समय मिलने पर बैंडमिंटन खेलना, प्रकृति की सैर पसंद है। लाइव हिन्दुस्तान से पहले लाइव इंडिया, जनसत्ता, अमर उजाला में अलग-अलग भूमिकाओं में काम करने का मौका मिला। एनजीओ में भी काम का अनुभव। स्नेहा मूलरूप से उत्तराखंड के कोटद्वार जिले की रहने वाली हैं। और पढ़ें

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