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उत्तराखंड में कार हादसे ने छीनी परिवार का खुशियां, बचा बेटा मां-बाप को खोज रहा

उत्तराखंड में कार हादसे ने छीनी परिवार का खुशियां, बचा बेटा मां-बाप को खोज रहा

संक्षेप:

उत्तराखंड में भैयादूज पर्व मनाकर मायके से लौट रहे यूजेवीएनएल के अधिशासी अभियंता अरविंद त्रिपाठी, उनकी पत्नी अनीता और बेटे अनंत स्वरूप त्रिपाठी की कार खाई में गिर गई।

Fri, 24 Oct 2025 08:44 AMAnubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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भैयादूज पर्व मनाने मायके आई अनीता परिवार से मिलकर बेहद खुश थीं। पर, घर से 300 मीटर की दूरी पर पहुंचते ही भीषण हादसे ने इन खुशियों को मातम में बदल दिया। कार हादसे में अधिशासी अभियंता अरविंद त्रिपाठी, उनकी पत्नी अनीता और पुत्र अनंत स्वरूप त्रिपाठी की मौत हो गई। दूसरा बेटा अंबुज गंभीर घायल हो गया। वहीं, इस हृदय विदारक घटना से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा है।

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गांव लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यूजेवीएनएल के इंवेस्टिगेशन एंड प्रोजेक्ट डिवीजन में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात अरविंद त्रिपाठी (57 वर्ष) दीवाली पर अपने परिवार सहित ससुराल देवखाल आए हुए थे। भैयादूज का त्योहार मनाने के बाद गुरुवार अपराह्न करीब 4:30 बजे वे पत्नी अनीता और दो बेटों-अनंत और अंबुज के साथ पाव गांव लौट रहे थे। पर, जैसे ही त्रिपाठी परिवार की कार गोपेश्वर–पोखरी मोटर मार्ग पर भदूड़ा गांव के नजदीक से गुजरी, तभी वाहन अचानक अनियंत्रित होकर वहां लगभग 500 मीटर तक गहरी खाई में जा गिरा। इसके बाद कार में भीषण आग लग गई, जिससे वाहन जलकर राख हो गया।

कार हादसे में अपने माता-पिता और छोटे भाई को खो देने वाले घायल युवक अंबुज त्रिपाठी (24 वर्ष) को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के बाद से वो गहरे सदमे में है और किसी से अधिक बातचीत नहीं कर रहा है।

गोपेश्वर जिला अस्पताल लाए जाने पर अंबुज बार-बार यही कह रहा था कि ‘मुझे इस अस्पताल में नहीं रहना...मुझे अपने मम्मी-पापा और भाई के पास ले चलो।’ उसकी इस दुखभरी गुहार ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। डॉक्टर भी उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए फिलहाल सड़क हादसे से जुड़ा कोई प्रश्न नहीं पूछ रहे हैं। उसे प्राथमिक उपचार देकर आराम करने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों के अनुसार, अंबुज इस समय मानसिक रूप से सदमे में है। उसका इलाज चल रहा है।

गांव में पसरा मातम, हर आंख नम

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं। भैयादूज जैसे शुभ अवसर पर हुई यह त्रासदी त्रिपाठी परिवार और उनके परिचितों को जख्म दे गई है।

15 फीसदी तक जला, चेहरा और हाथ झुलसे

कार हादसे में अधिशासी अभियंता अरविंद त्रिपाठी का पुत्र अंबुज त्रिपाठी लगभग 15 फीसदी तक जल गया है। सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता और उनकी टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर रख रही है।

गोपेश्वर के बर्न वार्ड में चल रहा है उपचार

सर्जन डॉ. दीपक नेगी ने बताया कि अंबुज की स्थिति अभी स्थिर है और उसे बर्न वार्ड में रखा है। इस हादसे का जिक्र करते ही वो भावनात्मक रूप से टूट जाता है, इसलिए बातचीत सीमित रखी गई है।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें

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