Hindi Newsउत्तराखंड न्यूज़Uttarakhand bans mobile phones inside Char Dham temples
'सिंह द्वार' के आगे मोबाइल की नो एंट्री, केदारनाथ के लिए भी नए नियम; चारधाम को लेकर बड़ा फैसला

'सिंह द्वार' के आगे मोबाइल की नो एंट्री, केदारनाथ के लिए भी नए नियम; चारधाम को लेकर बड़ा फैसला

संक्षेप:

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत अब चारों धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन और कैमरे ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

Jan 17, 2026 09:52 pm ISTAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
share Share
Follow Us on

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत अब चारों धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन और कैमरे ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश में एक समीक्षा बैठक के बाद बताया कि यह फैसला तीर्थयात्रा की पवित्रता बनाए रखने और दर्शन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है। पिछले साल कई श्रद्धालु मंदिर के अंदर वीडियो बनाने और फोटो खींचने में लगे रहते थे, जिससे दर्शन प्रबंधन में काफी दिक्कतें आई थीं और आम श्रद्धालुओं को परेशानी हुई थी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

नए नियमों के अनुसार, श्रद्धालु मंदिर के बाहर निर्धारित स्थानों तक ही फोटोग्राफी कर सकेंगे। बद्रीनाथ में 'सिंह द्वार' के आगे मोबाइल या कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होगी, और इसी तरह के कड़े नियम केदारनाथ और अन्य धामों में भी लागू रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह एक धार्मिक यात्रा है और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर के भीतर शांति और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। अप्रैल से शुरू होने वाले आगामी सीजन में इस पाबंदी को पूरी तरह लागू किया जाएगा।

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरों की सुरक्षित जमा के लिए क्लॉकरूम की सुविधा स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, तीर्थयात्री अपने फोन और कैमरे वहां जमा कर सकते हैं, दर्शन कर सकते हैं और निकलते समय उन्हें वापस ले सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन किया जाएगा। समीक्षा बैठक में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और यात्रा से संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पांडे ने कहा कि पिछले साल 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम यात्रा की थी और उन्होंने आश्वासन दिया कि इस वर्ष की तीर्थयात्रा को सुगम और अधिक सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए जाएंगे। गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए यात्रा मार्गों की सड़कों का सुधारीकरण, पार्किंग क्षमता में वृद्धि, पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हेली सेवा, बिजली, पानी, दूरसंचार और स्वच्छता व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को 31 मार्च तक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

वार्ता से इनपुट

Aditi Sharma

लेखक के बारे में

Aditi Sharma

अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


विस्तृत बायो

डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।


उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।


तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।