उत्तराखंड में 25 साल में 1.42 लाख हेक्टेयर घट गई कृषि भूमि, कृषि मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी
उत्तराखंड में कृषि भूमि लगातार घट रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को सदन में राजस्व परिषद् के जो आंकड़े रखे वह चिंता बढ़ाने वाले हैं। प्रदेश में घट रही कृषि भूमि को लेकर तीन विधायकों प्रीतम सिंह पंवार, महेश जीना और बृजभूषण गैरोला ने सवाल पूछे थे।

उत्तराखंड में कृषि भूमि लगातार घट रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को सदन में राजस्व परिषद् के जो आंकड़े रखे वह चिंता बढ़ाने वाले हैं। प्रदेश में घट रही कृषि भूमि को लेकर तीन विधायकों प्रीतम सिंह पंवार, महेश जीना और बृजभूषण गैरोला ने सवाल पूछे थे।
कृषि मंत्री जोशी ने बताया कि प्रदेश में कुल कृषि भूमि 7.35 लाख हेक्टेयर रह गई है, जो राज्य गठन के समय 8.77 लाख हेक्टेयर थी। यानी पिछले 25 सालों में राज्य में 1.42 लाख हेक्टेयर उपजाऊ भूमि खेती से बाहर हो गई है। चिंताजनक पहलू यह है कि शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल 7.70 लाख से घटकर मात्र 5.27 लाख हेक्टेयर रह गया है। परती भूमि का कृषि दायरा 1.07 लाख से बढ़कर 2.08 लाख हेक्टेयर हो गया है। सबसे ज्यादा पौड़ी गढ़वाल में 55,320 हेक्टेयर और अल्मोड़ा 26,447 हेक्टेयर परती भूमि है। देहरादून में भी बढ़ते शहरीकरण के चलते 22884 हेक्टेयर परती भूमि हो चुकी है। सरकार स्टेट मिलेट पॉलिसी, सेब की अति सघन बागवानी योजना, कीवी पॉलिसी, ड्रैगन फूट पॉलिसी तथा संगन्ध कृषिकरण हेतु महक क्रान्ति पॉलिसी के साथ ही केंद्र पोषित योजनाओं और राज्य सेक्टर से कृषि क्षेत्र में सुधार कर रही है।
किसानों को मिला मुआवजा
पिछले साल खरीफ की फसल के दौरान हुई अतिवृष्टि से फसलों को व्यापक नुकसान हुआ। कृषि मंत्री की ओर से सदन को जानकारी दी गई कि 13,291 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों को नुकसान पहुंचा है। 10 हजार से अधिक किसानों को मुआवजा दिया गया। कृषि मंत्री की ओर विधायक बृजभूषण गैरोला और प्रीतम सिंह पंवार के सवाल के जवाब में बताया गया कि खरीफ 2025 में कृषि विभाग के अंतर्गत 700.928 हेक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान हुआ।
केंद्र ने दिए 25 करोड़
केंद्र ने जंगली जानवरों से खेती के नुकसान से बचाने के लिए 25 करोड़ मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान का आभार व्यक्त किया है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन में घेरबाड़ योजना में केंद्र से बजट जारी होने की जानकारी दी। यह धनराशि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। इस योजना को राज्य स्तरीय स्वीकृत समिति द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
मनरेगा कर्मचारी नहीं होंगे नियमित
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से आउटसोर्स या दैनिक रूप से कार्यरत कार्मिकों के नियमितीकरण की कोई नई नियमावली नहीं बनाई गई है। इसलिए मनरेगा कर्मियों को नियमित करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। गैरसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्नकाल में मंत्री जोशी ने विधायक महेश जीना के सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही। मंत्री ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा एक केंद्र पोषित योजना है, जिसके संचालन के लिए वर्ष 2009 के शासनादेशानुसार राज्य, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर कुल 2668 पद सृजित किए गए हैं।
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Praveen Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


