
केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, अडानी ग्रुप ने यात्रा को आसान बनाने की बड़ी घोषणा
संक्षेप: अडानी समूह ने बताया कि इस रोपवे के निर्माण के बाद स्थानीय स्तर पर पर्यटन और अर्थव्यवस्था को खूब बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण चुनौती है, लेकिन अडानी ग्रुप ने सतत निर्माण, मंजूरी और स्थानीय भागीदारी का वादा किया है, ताकि प्रकृति और आस्था का संतुलन बना रहे।
उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ धाम के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा आने वाले समय में और ज्यादा आसान होने वाली है। दरअसल देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह में से एक अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने बुधवार को इस तीर्थस्थल पर एक नया रोपवे निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस रोपवे को बनाने का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए तीर्थयात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना है। उन्होंने इस परियोजना का हिस्सा बनने पर गर्व व्यक्त किया और भगवान महादेव से सभी के लिए आशीर्वाद मांगा।

इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने लिखा, 'केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होगी। अदाणी समूह श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए यह रोपवे बना रहा है। इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। महादेव सब पर अपनी कृपा बनाए रखें। जय बाबा केदारनाथ!'
अपनी पोस्ट के साथ अडानी ने लगभग दो मिनट का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें बताया गया कि यह रोपवे सोनप्रयाग से केदारनाथ तक के लगभग 12.9 किलोमीटर लंबे मार्ग में बनाया जाएगा और इसके पूरा होने के बाद यात्रा में लगने वाला 8 से 9 घंटे का समय भी घटकर मात्र 36 मिनट हो जाएगा। इस रोपवे की कोंडोला (डिब्बों) में 35 सीटों की व्यवस्था होगी। जिसके चलते इसकी मदद से हर घंटे 1800 यात्री प्रति दिशा में यात्रा कर सकेंगे।
अडानी ग्रुप ने बताया कि यहां पर 3S ट्राइकेबल रोपवे बनेगा, जो विश्व की सबसे सुरक्षित और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। जो ना केवल समय बचाएगा बल्कि सुरक्षित व सुगम यात्रा अनुभव भी देगा। जिसकी वजह से बुजुर्ग, बच्चे व महिलाएं सभी बेहद आसानी से केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकेंगे।
इस बारे में जानकारी देते हुए अडानी समूह ने बताया कि इस रोपवे के निर्माण के बाद स्थानीय स्तर पर पर्यटन और अर्थव्यवस्था को खूब बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण चुनौती है, लेकिन अडानी ग्रुप ने सतत निर्माण, मंजूरी और स्थानीय भागीदारी का वादा किया है, ताकि प्रकृति और आस्था का संतुलन बना रहे।
बता दें कि केदारनाथ धाम हिमालय में 11,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है और यहां पर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है।

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Sourabh Jainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




