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पेयजल किल्लत से जूझ रहे मथलाऊ के ग्रामीण

जौनपुर ब्लॉक के मथलाऊ गांव के ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। पेयजल के अभाव में ग्रामीण गदेरे का दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा में गांव का मुख्य पानी का स्रोत बह जाने के बाद से ही उन्हें गदेरे का दूषित पानी पीना पड़ रहा है। जौनपुर ब्लॉक के मथलाऊ गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। गांव के लिए बनी पेयजल योजना का मुख्य स्त्रोत वर्ष 2013 की आपदा बहने के बाद से ही ग्रामीणों को पेयजल की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण महावीर सिंह रावत का कहना है कि पेयजल समस्या के चलते ग्रामीणों को गदेरे में पाइप डालकर पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। गांव के लिए कोई पेयजल व्यवस्था न होने के चलते वह गदेरे का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कहा कि ग्रामीणों की मांग पर गांव के लिए पेयजल योजना तो मंजूर हुई, लेकिन पड़ोसी गांव के ग्रामीणों ने योजना के लिए अपने स्रोत से पानी देने से इंकार कर दिया। जिसके चलते ग्रामीण गदेरे से खच्चरों पर लादकर पानी ढोने को मजबूर हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से गांव के लिए स्थाई पेयजल योजना बनाए जाने तथा योजना का कार्य पूरा होने तक गांव में हैंडपंप लगाने की मांग की है। मांग करने वालों में महिपाल सिंह, ध्यान सिंह, अतोल सिंह, रणजीत सिंह, कुलवीर सिंह, विरेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, प्रेम सिंह रावत, कलम सिंह चौहान, अतोल चंद्र रमोला आदि शामिल रहे।

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  • Web Title: Village of Mathlau battling drinking water crisis