
रजत जयंती पर जनगणना गांव में कराने का लें संकल्प
उत्तराखंड में गणना अभियान से जुड़े लोगों ने सभी प्रवासियों से अपील की है कि वे अपनी जनगणना अपने गांव में कराएं। इस रजत जयंती के मौके पर, उन्होंने कहा कि पहाड़ों से पलायन के कारण गांव खाली हो रहे हैं, और जनसंख्या में कमी विकास के लिए बजट को सीमित कर सकती है।
अपनी गणना, अपने गांव अभियान से जुड़े लोगों ने हर प्रवासी से अपनी जनगणना अपने गांव में कराने की अपील की। कहा कि उत्तराखंड रजत जयंती उत्सव पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐसे इस रजत जयंती के मौके पर हर व्यक्ति को जनगणना गांव कराने का संकल्प लेना चाहिए। पूर्व ब्लॉक प्रमुख,राज्य आंदोलनकारी एवं अभियान के संयोजक जोत सिंह बिष्ट और पूर्व प्रमुख व पूर्व राज्यमंत्री रोशन लाल सेमवाल ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि पहाड़ों से हो रहे पलायन के कारण गांव लगातार खाली हो रहे हैं। लोग रोजी-रोटी के लिए देश-विदेश में काम कर रहे हैं।

गांव में रहने वाले लोगों की संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में 2026-27 में होनी जनगणना में गांव में रहने वालों की संख्या और भी घट जाएगी। बताया कि 2001 की जनसंख्या के आधार पर हुए दूसरे परिसीमन में 9 पर्वतीय जिलों में विधानसभा सीटों की संख्या 40 से घट कर 34 और 4 मैदानी जिलों में 36 सीट हो गई। देश का अगला परिसीमन भी 2027 की जनसंख्या के आधार पर होगा। यदि व्यक्ति ने अपनी जनगणना गांव में नहीं करवाई तो,पहाड़ों में विधानसभा सीटों की संख्या और कम होने के साथ ही विकास के लिए बजट सीमित ही मिल पाएगा। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों से लेक देश-विदेश में रहने वाले लोगों से अपनी जनगणना अपने गांव में कराने की अपील।

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