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संस्थान के निर्माण में हर संभव मदद करेगी सरकारः कंडारी

राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के देवप्रयाग में निर्माणाधीन श्री रघुनाथ परिसर का विधायक विनोद कंडारी ने भ्रमण कर प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संस्थान के निर्माण में हर संभव सहयोग करेगी। भारत सरकार द्वारा संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए विश्व स्तर पर राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान को नोडल एजेंसी बनाया गया है। उत्तराखंड में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के 13वें परिसर के निर्माण की देवप्रयाग में मार्च 2016 में शुरूआत हुई। नृसिंहाचल पर्वत पर 23 एकड़ भूमि में बर रहे परिसर हेतु यहां संस्कृत महाविद्यालय देवप्रयाग द्वारा 8 एकड़ निजी भूमि भी प्रदान की गयी है। संस्थान के प्राचार्य प्रो.केबी सुब्बरायडू ने विधायक देवप्रयाग को परिसर में चल रहे निर्माण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां प्रशासनिक, अकादमिक भवन सहित छात्रावास, ऑडिटोरियम, कर्मचारी निवास आदि निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2019 तक परिसर का निर्माण पूरा हो जाएगा। प्राचार्य सुब्बरायडू ने बताया कि संस्थान में प्राक्शास्त्री से आचार्य तक ज्योतिष, वेद व्याकरण, न्याय, वेदांत एवं साहित्य के अध्ययन के साथ ही पीएचडी की भी इस वर्ष से शुरूआत की गयी है। स्नातक स्तर पर आधुनिक विषय हिंदी, अंग्रेजी, कम्प्यूटर व इतिहास भी पढ़ाये जा रहे हैं। वर्तमान समय में विद्यार्थियों की संख्या करीब 100 व 13 प्राध्यापक यहां पठन-पाठन का काम कर रहे हैं। संस्थान के निर्माणाधीन परिसर में प्रो.वनमाली विस्वाल, प्रो.अरविंद गौर, डॉ.मुकेश शर्मा, डॉ.विजेंद्र बर्थवाल, वीरेंद्र बिष्ट, पंकज कोटियाल आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:sanskrit sansthan