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ग्रामीणो को मिलने वाली मुफ्त सरकारी राशन में निकल रहे कंकड-पत्थर

हिन्दुस्तान टीम,टिहरीPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 03:40 PM
ग्रामीणो को मिलने वाली मुफ्त सरकारी राशन में निकल रहे कंकड-पत्थर

कोरोना काल मे लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने मुफ्त और अतिरिक्त राशन देने का निर्णय लिया है,लेकिन राशन देने के नाम पर गरीबो के साथ जो भद्दा मजाक किया जा रहा है वह सत्तर के दशक की याद दिलाता है। जब सस्ता गल्ला की दुकानों पर मिलने वाले राशन में कीड़े व कबाड़ दिया जाता था। तब अनाज की भारी कमी होने के कारण लोग सड़ा गला अनाज खाने को मजबूर थे। लेकिन आज भी फ्री व अतिरिक्त राशन में लोगो को कंकड़ और कूड़ा करकट मिल रहा है।

भिलंगना ब्लॉक हिंदाव व ग्यारह गांव पट्टी के कई गावों में राशन की दुकानों से मिलने वाले गेंहू और चावल इतना घटिया गुणवत्ता का है कि उसे पशु भी नहीं खा सकते। क्षेत्र के पंगरियाना, दांगसेरा व दुबड़ी के उपभोक्ताओं ने ऐसे ही मई -जून के महीने में मिले गेहूं में भारी मात्रा में कंकड़ ,पत्थर व कूड़ा मिल रहा है। जिसकी छटाई करने में ग्रामीणों के कई दिन गुजर रहे है। ग्रामीण विक्रम घनाता, सोबन सिंह, पप्पू सिवान, प्रवीण सिंह, गोविंद आर्य ने बताया कि फ्री राशन के नाम पर लोगो के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। जबकि देश में अच्छी क्वालिटी के अनाज की कमी नहीं है, लेकिन सरकार की निगरानी न होने के कारण गोदामों से घटिया गुणवत्ता का अनाज भेजा जा रहा है। साथ ही कई गरीब व असहाय लोगों के राशन कार्ड ऑनलाइन न होने के कारण उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से गुणवत्तापरक खाद्यान्न भेजने के साथ ही कई माह से राशन से वंचित उपभोक्ताओं को भी राशन उपलब्ध कराने की मांग की है।

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