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यात्रा शुरु होते ही देवप्रयाग में पसरने लगा सन्नाटा

चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद जहां एक ओर यात्रा मार्ग के स्थानों में रौनक छाने लगती है। वहीं तीर्थनगरी देवप्रयाग में सन्नाटा पसर जाता है। बदरीनाथ धाम के तीर्थपुरोहितों का देवप्रयाग में स्थाई निवास होने के चलते तीर्थनगरी में यात्रा शुरु होने के बाद घरों में ताले लटक जाते हैं। जून माह मे देवप्रयाग में बाजार पूरी तरह सूने पड़ जाते हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा शुरू होते ही तीर्थनगरी देवप्रयाग में रौनक समाप्त होने लगती है। बदरीनाथ धाम के तीर्थपुरोहितों का स्थाई निवास होने के कारण यात्रा शुरू होने के बाद नगर में वीरानी छाने लगती है। सदियों से परम्परागत रुप से देवप्रयाग के तीर्थपुरोहितों के जिम्मे बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना का कार्य हैं। जिसके चलते तीर्थनगरी से सभी तीर्थपुरोहित यात्रा सीजन में बदरीधाम रवाना हो जाते हैं। यहां के पांच सौ तीर्थपुरोहित परिवारों के पास पूरे भारतवर्ष से बदरीनाथ धाम आने वाले सभी यात्रियों का लेखा-जोखा मौजूद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बदरीनाथ यात्रा के दौरान तीर्थपुरोहित सुनील पॉलीवाल ने प्रधानमंत्री को बही में मौजूद उनके परिजनों की यात्रा विवरण व हस्ताक्षर दिखाए। जिसके बाद पीएम ने भी बदरीनाथ आने के प्रमाण के तौर पर बही में हस्ताक्षर किए। सैंकड़ों वर्षों से तीर्थपुराहित परिवार इस तरह का दायित्व निभा रहे हैं। जिसके चलते यात्रा शुरू होते ही तीर्थपुरोहित यहां से बदरीनाथ धाम रवाना होने लगते हैं। जून माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश के समय तीर्थपुरोहितों के बच्चे भी बदरीधाम चले जाते हैं, जिससे तीर्थनगरी में सन्नाटा पसर जाता है।

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  • Web Title: Once the journey started the silence began to spread in Devprayag