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एनजीटी ने प्रभावितों की समस्याओं पर कार्रवाई के दिए निर्देश

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने त्रिवेंद्र रावत सरकार को टिहरी बांध प्रभावितों की पुनर्वास, विस्थापन और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं पर तीन माह में कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं।डोबरा-चांठी पुल बनाओ संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने प्रेस को जारी बयान में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जयप्रकाश डबराल और उन्होंने वर्ष 2017 में टिहरी झील से उत्पन्न समस्याओं को लेकर एनजीटी की प्रिंसिपल बैंच में याचिका दायर की थी। इसके माध्यम से टिहरी बांध झील के आस-पास हो रहे भूस्खलन से प्रभावित गांवों के विस्थापन, झील में डूबे पैतृक घाटों के स्थान पर नए घाटों का निर्माण, अधूरे विस्थापन को पूरा करने और निर्माणाधीन डोबरा-चांठी पुल और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई की मांग की गई। एनजीटी ने इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए दिव्यांग विस्थापित प्रमोद कुमार रतूड़ी के मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही टिहरी बांध प्रभावितों की पुनर्वास, विस्थापन, स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर भी तीन माह में कार्रवाई को कहा गया। इसके अलावा टिहरी झील बनने से डूबे पैतृक घाटों पर एनजीटी ने टीएचडीसी को पैसा उपलब्ध कराकर नए घाटों के निर्माण कराने के भी निर्देश दिए। पैन्यूली ने बताया कि एनजीटी के कुछ निर्देश स्पष्ट नहीं होने पर पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे।

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  • Web Title:NGT directives to take action against the problems of affected