DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तराखंड  ›  टिहरी  ›  देवप्रयाग क्षेत्र के ग्रामीणों को दी जैविक खेती की जानकारी
टिहरी

देवप्रयाग क्षेत्र के ग्रामीणों को दी जैविक खेती की जानकारी

हिन्दुस्तान टीम,टिहरीPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 03:40 PM
देवप्रयाग क्षेत्र के ग्रामीणों को दी जैविक खेती की जानकारी

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत गंगा प्रवाह क्षेत्र के गांवो में जैविक खेती को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। नमामि गंगे परियोजना के तहत गठित नमामि गंगे जैविक विकास योजना अंतर्गत देवप्रयाग ब्लॉक में कृषक जैविक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हो रहा है। इसके तहत ब्लॉक के दूरस्थ बोर गांव में कृषकों को जैविक खेती के लाभ व तरीकों की जानकारी दी गयी ।

कृषि विभाग टिहरी गढ़वाल व बायोसर्ट इंटरनेशनल की सयुक्त टीम द्वारा गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनानें में परम्परागत खेती की भूमिका कृषकों की बताई गयी। ब्लॉक समन्वयक सुधाकर ने कहा कि बारिश से गंगा नदी मे समीपवर्ती गांवों का कूड़ा कचरा गदेरो के जरिये गंगा में आ मिलता है। जिससे गंगा में लगातार प्रदूषण बढ़ता जाता है। गांव के कचरे, खर पतवार को जैविक खाद में बदलकर जहां गंगा की निर्मलता बनी रहेगी, वहीं खेतों को भी रासायनिक खादों के नुकसान से बचाया जा सकेगा इसको देखते गंगा प्रवाह क्षेत्र से सटे गांवो कों रासायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। टीम की ओर से दूरस्थ बोरगांव के 53 परिवारों को जैविक खाद के गड्ढे बनाने के तरीके बताये गए। साथ ही उन्हें 25 किलो जैविक खाद सहित स्प्रे मशीन, मसूर दाल व मंडुवा के बीज, कीटनाशक दवा आदि भी दी गयी। क्षेत्रीय समन्वयक दीपक रावत, सन्दीप सिंह, अनिल आदि ने बीजों, कृषि उपकरणों आदि का उपयोग कृषकों को बताया गया। गंगा नदी से सटी भरपूर पट्टी की न्याय पंचायत डोबरी व भटकोट के सिंमस्वाडा, भुइट, पंत गांव, भरपूर, भटकोट, गोर्थीकांडा आदि गांवो में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर कृषकों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया।

संबंधित खबरें