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सम्मेलन में कवियों ने राजनीति और राजनेताओं पर कसे तंज

सम्मेलन में कवियों ने राजनीति और राजनेताओं पर कसे तंज

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड भागीरथी पुरम में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने को लेकर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से देश की राजनीति और राजनेताओं पर जमकर तंज कसे। साथ ही हिंदी भाषा को बढ़ावा दिए जाने पर भी जोर दिया गया। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड भागीरथी पुरम में शनिवार सांय को आयोजित कवि सम्मेलन का परियोजना अधिशासी निदेशक (टिहरी काम्पलेक्स) एसआर मिश्रा व परियोजना के अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सम्मेलन में कवि गजेंद्र सोलंकी ने कालेधन पर कटाक्ष करते हुए कहा धीरे-धीरे कालाधन होता है सफेद, अब जाके ये रहस्य लोग जान पाए, मेरे खाते में अभी तक कुछ नहीं आया, स्विश बैंक से न जाने कौन ले आए। कवि राधाकांत पांडे ने कविता के माध्यम से लोगों को देश के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने को कहा। कवि गौरव शर्मा ने हास्य कविताओं और चुटकलों के माध्यम से पंडाल में मौजूद लोगों को खुब गुदगुदाया। कवियत्री पूनम वर्मा ने अपनी कविता के माध्यम से आजाद भारत के लोगों को गुलामी और आजादी के मायने बताए। कवि मनवीर मधुर ने नोटबंदी पर अपनी कविता के माध्यम से चोट की। कवियों ने सम्मेलन में देश की एकता और अखण्डता, गंगा की निर्मलता को बनाए रखने और हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का लोगों को संदेश दिया। अधिशासी निदेशक ने कहा सभी लोगों को शत प्रतिशत कार्य हिंदी भाषा में करना चाहिए। और जीवन में अधिक से अधिक हिंदी का भाषा का प्रयोग करना चाहिए। इस मौके पर महाप्रबंधक कोटेश्वर परियोजना महाप्रबंधक पीके अग्रवाल, केपी सिंह, संजीव आर, एसएस पंवार, अपर महाप्रबंधक आरआर सेमवाल, वरिष्ठ प्रबंधक नेलसन लकडा, एसवी प्रसाद, डीपी भट्ट, मोहन सिंह श्रीस्वाल, इंद्रराम नेगी, मनोज राय मनवीर नेगी, दीपक उनियाल, नीरज सिंह, चंद्रवीर नेगी, रणजीत सिंह, मनवीर मधुर आदि उपस्थि थे।

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  • Web Title:How do poets play politics and politicians at the conference