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20 जनवरी, 2020|5:28|IST

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भिलंगना ब्लॉक गेंवली गांव के ग्रामीण सड़क के इंतजार में

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शिष्या स्व. मीरा बहन की कर्मस्थली भिलंग पट्टी का गेंवली गांव आजादी के 70 वर्षों बाद भी सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों को कई किमी. पैदल चलकर अपने गांव पहुंचना पड़ता है। वर्ष 2016 में सड़क स्वीकृति मिलने के बाद भी सड़क निर्माण नहीं हो पाया, जिससे ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति रोष बना है। जल्द सड़क निर्माण कार्य न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी। तहसील मुख्यालय घनसाली से 16 किमी. दूर पोखार गांव सड़क से जुड़ा है। पोखार गांव से गेंवली गांव की पैदल दूरी पांच किमी. है। गेंवली गांव में आज भी करीब सौ परिवार निवास करते है। ग्रामीण वर्ष 1990 से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे है। राज्य गठन के बाद प्रदेश के कई मुख्यमंत्रियों ने गांव को सड़क से जोड़ने की बात कही, लेकिन आज तक गेंवली गांव मोटरमार्ग से नहीं जुड़ पाया। वर्ष 2016 में पोखार से गेंवली के लिए 10 किमी. सड़क मार्ग स्वीकृत हुआ, लेकिन दो वर्ष बाद भी सड़क कार्य शुरु नहीं हो पाया। ग्रामीण कई बार सड़क की मांग को लेकर आंदोलन भी चुके है। आजादी के बाद वर्ष 1952 में गांधी जी के आदेश पर उनकी शिष्या मीरा बहन गेंवली गांव आई और उन्होंने गांव में गो पालन के लिए गोशाला की स्थापना की, गांव में रेंज कार्यालय खुलवाया और केंद्र सरकार से भिलंगना प्रोजेक्ट के नाम से भिलंगना ब्लॉक की स्थापना की। ग्रामीण सरोप सिंह, उदय सिंह, प्रताप सिंह पंवार आदि का कहना कि क्षेत्र में विकास की बुनियाद रखने वाला गेंवली गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की। कहा अगर जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरु नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। क्या कहते हैं अधिकारी लोनिवि घनसाली के ईई नवीनलाल वर्मा का कहना कि गांव के लिए दस किमी. सड़क की स्वीकृति मिली है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण न होने से सड़क निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।

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  • Web Title:Bhilangana block waiting for the rural road of Ganwali village