Sunday, January 16, 2022
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तराखंडयह कैसी सर्जरी,जबड़े के ऑपरेशन के बाद युवक की मौत, डॉक्टरों पर लगे आरोप 

यह कैसी सर्जरी,जबड़े के ऑपरेशन के बाद युवक की मौत, डॉक्टरों पर लगे आरोप 

हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनHimanshu Kumar Lall
Sun, 05 Sep 2021 12:37 PM
यह कैसी सर्जरी,जबड़े के ऑपरेशन के बाद युवक की मौत, डॉक्टरों पर लगे आरोप 

इस खबर को सुनें

श्रीनगर बेस अस्पताल में दंत रोग विभाग में एक युवक का जबड़े का ऑपरेशन करने के बाद युवक की मौत हो गई। युवक के परिजनों ने डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि मांग करने के बाद भी युवक को रेफर नहीं किया गया और ऑपरेशन करने के बाद युवक को वेंटीलेटर पर रख दिया और युवक ने विगत देर सायं ही दम तोड़ दिया।  

प्राप्त जानकारी के अनुसार बेस अस्पताल श्रीकोट में चमोली जिले के नौटी के पास कनोठ गांव के त्रिभुवन नेगी पुत्र स्व. चैत सिंह नेगी उम्र 24 साल गांव के पास बाइक से एक्सीडेंट होने पर जबड़े पर चोट लग गई थी। त्रिभुवन के चाचा के लड़के जयकृत नेगी ने बताया कि पिछले शनिवार को कर्णप्रयाग अस्पताल से उन्हें बेस अस्पताल के भेजा गया।

जिसके बाद उसका इलाज बेस अस्पताल में चल रहा है। शुक्रवार को बेस अस्पताल के दंत रोग विभाग के डॉ. गोयल द्वारा उनके भाई का ऑपरेशन किया गया। किंतु आप्ॉरेशन के बाद युवक को सीधे वेंटीलेटर पर ले गये। जबकि इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं दी गई। कहा कि जब उनके भाई की मौत हो गई तो तब उन्हें बताया गया। 

उन्होंने कहा कि भाई की मौत होने के बाद उन्हें वाहन तक नहीं दिया गया। जबकि ऑपरेशन से पहले 16 हजार का ज्वाइंट करने का सामान भी मंगाया गया। जयकृत नेगी ने बताया कि उनके भाई की मौत होने पर श्रीकोट पुलिस चौकी भी गये, किंतु घरवालों ने शव सीधे घर लाने के लिए बोला तो मृतक को सीधे घर ले गये। जिससे पोस्टमार्टम भी शव का नहीं हो सका।

भाई को इलाज के बाद जाना था ड्यूटी
मृतक त्रिभुवन का बड़ा भाई विवेक नेगी सेना में श्रीनगर जम्मू में तैनात है। जो भी भाई के इलाज के लिए बेस अस्पताल में साथ था। जिससे भाई के इलाज के बाद श्रीनगर से ही ड्यूटी पर जाना था। परिजन जयकृत ने बताया कि भाई की मौत होने के बाद वह सेना में ड्यूटी पर नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि तीन भाइयों में मृतक त्रिभुवन परिवार में सबसे छोटा भाई था। जिसने देहरादून से बीटेक की पढ़ाई पूरी कर दी थी। जबकि एक साल पहले उसके पिता की भी मौत हुई थी।

बोले, रेफर कर देते तो बच सकती थी जान
परिजन जयकृत नेगी ने बताया कि अस्पताल में जब दांतों के एक्सरे तक की सुविधा नहीं थी, तो उनके द्वारा डॉक्टर को रेफर करने की मांग की गई, किंतु डॉक्टर ने रेफर नहीं किया। बकायदा डॉक्टर ने अपनी डिग्रियां उन्हें दिखाने लगे। कहा कि यदि रेफर कर दिया होता है तो उनके भाई की जान नहीं जाती। 

मुझे युवक की मौत के संदर्भ में कोई शिकायत नहीं दी, शिकायत मिलती है तो जांच की जायेगी। दंत रोग विभाग के एचओडी ने जानकारी दी थी कि ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो गई है।
डॉ. केपी सिंह, एमएस बेस अस्पताल श्रीकोट।

ऑपरेशन के बाद मरीज को दिल का दौरा पड़ा और रक्तस्राव होने लगा। बेहोशी पर उसे इमजेंसी के वेंटीलेटर पर रखा गया। जहां उसकी मौत हो गई। 
डॉ. अरुण गोयल, एचओडी दंत रोग विभाग बेस अस्पताल श्रीकोट

 

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें