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क्यों था सुरंग से जिंदा निकाल लिए जाने का भरोसा, गबर सिंह ने पीएम मोदी को बताया

17 दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद मंगलवार को उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग से सभी 41 मजदूर सुरक्षित निकल आए। बेहद मुश्किल हालात में 400 घंटे बिताने के बाद भी मजदूर मुस्कान के साथ निकले।

क्यों था सुरंग से जिंदा निकाल लिए जाने का भरोसा, गबर सिंह ने पीएम मोदी को बताया
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,उत्तरकाशीWed, 29 Nov 2023 11:27 AM
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17 दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद मंगलवार को उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग से सभी 41 मजदूर सुरक्षित निकल आए। बेहद मुश्किल हालात में 400 घंटे से अधिक समय तक रहे मजदूर बाहर निकले तो उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि उनका हौसला कितना मजबूत था। देर रात पीएम नरेंद्र मोदी ने जब मजूदरों से फोन पर बातचीत की तो ना सिर्फ उन्होंने अंदर के हालात और अनुभव के बारे में बताया, बल्कि यह भी कहा कि वे घबराए नहीं थे। मजदूरों का नेतृत्व करने वाले सबसे उम्रदराज और स्थानीय निवासी गबर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस तरह विदेशों में कई रेस्क्यू मिशन चलाए उसे देखते हुए उन्हें भरोसा था कि उन्हें भी सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।

गबर सिंह और शबा अहमद समेत कुछ अन्य मजदूरों ने पीएम मोदी से बातचीत की। सभी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह और केंद्र सरकार की जमकर तारीफ की। गबर सिंह नेगी ने केंद्र सरकार की ओर से विदेशों में चलाए गए रेस्क्यू मिशन का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें भी निकाल लिए जाने का भरोसा था। पीएम मोदी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कहा, 'धन्यवाद आप लोगों का। सर यह आप लोगों का आशीर्वाद था, आपने हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री धामी जी लगातार हमसे संपर्क में थे। कंपनी ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। केंद्र सरकार और उनके कर्मचारी लगे रहे। राज्य सरकार साथ बनी रही। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के लोगों ने दिन-रात एक किया। आप जैसे हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं, आप जब दूसरे देश से हमारे लोगों को बचाकर ला सकते हैं तो हम तो अपने घर में थे सर, इसलिए हमें कोई दिक्कत नहीं। '

नेगी ने कहा कि उन्हें बौखनाग देवता पर भी पूरा भरोसा था, उनकी कृपा बनी रही। उन्होंने अपने सभी साथियों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उनकी बात सुनी और उनके कहे मुताबिक करते रहे। पीएम मोदी ने नेगी की तारीफ करते हुए कहा कि किसी यूनिवर्सिटी को उनके लीडरशिप क्वालिटी पर केस स्टडी करनी चाहिए। पीएम मोदी ने शबा अहमद से भी बातचीत की। शबा ने बताया कि किस तरह सभी लोग एकजुट होकर रहे और एक दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे। शबा ने पीएम मोदी से कहा कि उन्हें टनल में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। उनकी हर सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया। शबा ने बताया कि रात को खाना खाने के बाद सभी लोग टहलते थे और सुबह भी योग और मॉर्निंग वॉक के जरिए खुद को फिट रखा।

यूपी के मिर्जापुर के रहने वाले मजदूर अखिलेश से बात करते हुए खुद को यूपी वाला बताया। पीएम मोदी ने बिहार के छपरा निवासी सोनू कुमार से भी बात की। सभी ने रेस्क्यू टीम से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया। पीएम मोदी ने कहा कि सभी के सुरक्षित निकल जाने की उन्हें जितनी खुशी है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि वह हर दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जानकारी लेते थे और लगातार उनकी चिंता बनी हुई थी।

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