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Hindi News उत्तराखंडयमुनोत्री में तीर्थ यात्रियों की संख्या घटी, 31 मई तक बंद है ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन

यमुनोत्री में तीर्थ यात्रियों की संख्या घटी, 31 मई तक बंद है ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन

इससे तीर्थयात्रियों के साथ-साथ क्षेत्र के कारोबारी को भी भारी नुकसान भुगतना पड़ रहा है। यात्रियों को रास्ते में रोके जाने से यमुनोत्री यात्रा रूट पर यात्री वाहन भी काफी कम दिखाई दे रहे हैं।

यमुनोत्री में तीर्थ यात्रियों की संख्या घटी, 31 मई तक बंद है ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
Himanshu Kumar Lallबड़कोट, हिन्दुस्तानSun, 26 May 2024 03:56 PM
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यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में यात्रा शुरू होने के 15 दिन में ही गिरावट देखने को मिलने लगी है। यमुनाघाटी होटल एसोसिएशन ने शनिवार को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद करने पर नाराजगी जताई।

कहा कि यात्रा मार्ग पर आने के बाद रजिस्ट्रेशन न होने के कारण यात्रियों को वापस लौटना पड़ रहा है, जिस कारण तीर्थ यात्री अपने गंतव्य तक और यमुनोत्री धाम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष सोबान सिंह राणा का कहना है कि सरकार द्वारा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद करने से तीर्थयात्री काफी कम हो गए हैं।

साथ ही यात्रा मार्ग पर आने के बाद रजिस्ट्रेशन न होने के कारण यात्रियों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिस कारण तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को तीर्थयात्राओं के एक दल की बड़कोट के खरादी कस्बे में एक होटल में बुकिंग थी।

लेकिन उन्हें विकासनगर के कटा पत्थर में रोक दिया गया और वह अपने बुकिंग स्थल तक नहीं पहुंच पाए।उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब रजिस्ट्रेशन की चेकिंग हरिद्वार और ऋषिकेश में हो रही है तो तीर्थयात्रियों को विकासनगर और कटा पत्थर में क्यों रोका जा रहा है।

इससे तीर्थयात्रियों के साथ-साथ क्षेत्र के कारोबारी को भी भारी नुकसान भुगतना पड़ रहा है। यात्रियों को रास्ते में रोके जाने से यमुनोत्री यात्रा रूट पर यात्री वाहन भी काफी कम दिखाई दे रहे हैं और होटल वालों की बुकिंग भी कैंसिल हो रही हैं।

होटल व्यवसायी जगमोहन सिंह चौहान का कहना है कि यात्रा मार्ग पर चारधाम यात्रा से जुड़े मजदूर, घोड़ा खच्चर डंडी कंडी वाले और विभिन्न व्यवसाय से जुड़े कारोबारी मई और जून महीने की यात्रा के लिए पूरे साल भर इंतजार करते हैं। दो महीने ही यात्रा पर अपना कारोबार कर अपनी साल भर की रोजी-रोटी कमाते हैं।

यात्रियों की संख्या में आई कमी
यात्रा कारोबारियों का कहना है कि शुरूआत में 14 से 15 हजार यात्री धाम दर्शन को पहुंच रहे थे। वहीं 15 दिन की यात्रा के बाद अब महज नौ हजार तक ही यात्री पहुंच रहे हैं। जिससे कारोबारियों को नुकसान हो रहा है।