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लकड़ी कटान में लाखों रुपयों का ऐसे कर डाला खेल, विजिलेंस जांच से अब खुलेंगे सारे राज

इनमें से कोटीगाड़ रेंज कें आंद्रीगाड़ बीट में 142 घन मीटर और  299 घन मीटर कटान भी शामिल था। लेकिन स्थलीय निरीक्षण में वहां किसी तरह का कटान सामने नहीं आया। विजिलेंस जांच की सिफारिश की है।

लकड़ी कटान में लाखों रुपयों का ऐसे कर डाला खेल, विजिलेंस जांच से अब खुलेंगे सारे राज
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानTue, 30 Jan 2024 04:21 PM
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टौंस वन प्रभाग के पुरोला में अवैध कटान के साथ ही विभागीय धन के गबन का मामला भी सामने आया है। वन विभाग की जांच में यह बात सामने आई है कि जिन लाटों में लकड़ी काटे बिना निकासी की स्वीकृति मांगी गई थी, वहां कटान के नाम पर करीब 12 लाख रुपये के बिलों का फर्जी भुगतान भी दिखाया गया।

इस खुलासे के बाद वन संरक्षक ने मामले की विजिलेंस जांच की सिफारिश शासन से की है। डीएफओ टौंस कुंदन कुमार की जांच में सामने आया था कि वन निगम के पुरोला डीएलएम की ओर से जिन 74 लाटों से लकड़ी निकासी की अनुमति मांगी गई थी।

इनमें से कोटीगाड़ रेंज कें आंद्रीगाड़ बीट में 142 घन मीटर और  299 घन मीटर कटान भी शामिल था। लेकिन स्थलीय निरीक्षण में वहां किसी तरह का कटान सामने नहीं आया। इसके बाद इस मामले में अनियमितता की बात सामने आने पर डीएफओ ने वन निगम अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर की संस्तुति की थी।

लेकिन अब जांच में इससे भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जिन बीटों में कटान के बिना कार्रवाई की अनुमति मांगी गई थी, वहां वन निगम की ओर से 12 लाख से ज्यादा का भुगतान दिखाया गया है। जो कि लकड़ी कटान व उससे जुड़े कामों के लिए किया गया। लेकिन वहां कटान हुआ ही नहीं। 

बिना कटान के निकासी वाले मामले में जांच बढ़ी तो और भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। इन दोनों लॉटों में कटान के नाम पर 12 लाख से ज्यादा का फर्जी भुगतान दिखाया गया। इसके लिए फर्जी बिल बाउचर तक बनाए गए। आरोपियों पर एफआईआर और विजिलेंस जांच के लिए शासन को भेजा जा रहा है।
विनय भार्गव, वन संरक्षक, यमुना वृत्त


 

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