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आओ राजनीति करें - अब नारी की बारी : महिला सुरक्षा को मुद्दा बनाएं सियासी दल

आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने आओ राजनीति करें अभियान के तहत ‘अब नारी की बारी’ पर संवाद का आयोजन किया। महिला प्रतिनिधियों ने राजनीति में महिला भागीदारी बढ़ाने का सुझाव दिया। महिलाओं ने कहा कि अफसरों-नेताओं के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाने जरूरी किए जाएं।

महिलाओं का कहना है कि समान शिक्षा के लिए ठोस कानून बनना चाहिए, जिसमें हर सरकारी कर्मचारी के लिए यह अनिवार्य हो कि उसका बच्चा सरकारी स्कूल में ही पढ़ेगा। महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस पहल करने की जरूरत बताई गई। कर्जन रोड स्थित ‘हिन्दुस्तान’ कार्यालय में मंगलवार को आयोजित संवाद में महिलाओं ने कहा कि जब आईएएस और पीसीएस के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे तो निश्चित ही सभी वर्गों के लोग बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाएंगे और इनमें शिक्षा का स्तर सुधरेगा। महिलाओं का कहना था कि मौजूदा समय में शिक्षा की दो पद्धतियां हो गई हैं। इसमें कमजोर वर्ग के लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और मध्यम और उच्च वर्ग के लोग पब्लिक स्कूलों में। शिक्षा का बाजारीकरण बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक पार्टियों को यह मुद्दा घोषणा पत्र में शामिल करना चाहिए। 

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त्वरित कार्रवाई हो
महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। अपराध निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। एक ऐसी आईटी सेल का गठन हो, जिसमें महिलाएं शिकायत दर्ज कर सकें और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो। पुलिस पेट्रोलिंग दल में महिला कांस्टेबल भी होनी चाहिए।

पर्दा प्रथा समाप्त हो 
संवाद में मंजू काला ने मुस्लिम समाज की महिलाओं की समस्याएं उठाइंर्। कहना था कि तीन तलाक का कानून हर हाल में पास होना चाहिए। इसके साथ पर्दा प्रथा भी समाप्त होनी चाहिए, तभी मुस्लिम समाज की महिलाएं विकास की मुख्य धारा में शामिल हो पाएंगी।

स्वास्थ्य पर फोकस
महिलाओं के स्वास्थ्य का मुद्दा भी संवाद में उठा। कहना था कि महिलाओं को स्वास्थ्य की सुविधा ठीक ढंग से नहीं मिल पाती है। विशेषकर दूर दराज के गांवों की महिला सबसे ज्यादा इस पीड़ा को झेल रही है। इसके लिए ठोस योजना बनाने की जरूरत है।

सोच बदली जाए
सुषमा मंडोलिया ने कहा कि राजनीति के प्रति लोगों को सोच बदलनी होगी। हम अपने बच्चों को अफसर, डॉक्टर, इंजीनियर बनने के लिए तो कहते हैं, लेकिन कोई ऐसा नहीं कहता कि तुम नेता बनो। क्योंकि राजनीति के प्रति लोगों में छवि सही नहीं है। इसे बदला जाए।

 

 

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  • Web Title:women demand that political parties should consider women security in talk show held in dehradun