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5 अगस्त, 2020|4:12|IST

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रक्षाबंधन: महिलाएं अपने भाइयों के लिए खरीद रहीं हैं स्वदेशी राखियां

रक्षाबंधन को लेकर स्वदेशी राखियों की खरीदारी की जा रही है। बाजार में इन राखियों की ही मांग है। लेकिन इस बार कोरोना के चलते राखी का व्यापार बिल्कुल कम हो गया है।   मिठाई की भी कोई खास खरीदारी नहीं हो रही है।सोमवार को भाई-बहन का पर्व रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इसको लेकर बहनों ने तैयारियां शुरू कर दी है। रक्षाबंधन के तीन दिन शेष बचे हैं।

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बाजार में राखी को लेकर इस बार रौनक नहीं है। गुरुवार को बाजार में राखी की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की भीड़ नहीं थी। बहनों ने छोटे भाइयों के लिए कार्टून वाली राखी ली तो बड़े भाइयों के लिए नग, मोती, कलावे वाली राखियां खरीद रही हैं। कारोबारी दुर्गेश आहूजा ने बताया कि इस बार राखी का व्यापार एक तरह से ठप हो गया है।

स्वदेशी राखी की ही बिक्री हो रही है।  कई लोग तो कोरोना संक्रमण के डर से राखी खरीदने से भी परहेज कर रहे हैं।   विपिन गुप्ता ने बताया कि 10 से लेकर 500 तक बाजार में राखी उपलब्ध है। लेकिन अधिकतर 20, 30, 50 और 100 रुपए तक की खरीदारी ज्यादा होती है। मिठाई व्यापारी कन्हैया लाल, मोहित गुप्ता ने बताया कि रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा मिठाई की बिक्री होती है।  

 

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  • Web Title:women buying local made rakhi for brother on occasion of of raksha bandhan in haridwar