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Hindi News उत्तराखंड1100 KM की दूरी, 2 ट्रेन और टुकड़ों में बंटी महिला की लाश; एक बड़ी मर्डर मिस्ट्री

1100 KM की दूरी, 2 ट्रेन और टुकड़ों में बंटी महिला की लाश; एक बड़ी मर्डर मिस्ट्री

दो शहर, दो ट्रेन और 1000 किलोमीटर के दायरे में टुकड़ों में बंटी एक लाश। मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में रेलवे पुलिस के सामने एक बड़ी मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की चुनौती है। आखिर कौन थी वह?

1100 KM की दूरी, 2 ट्रेन और टुकड़ों में बंटी महिला की लाश; एक बड़ी मर्डर मिस्ट्री
Sudhir Jhaअमित बाठला,देहरादूनTue, 11 Jun 2024 05:48 PM
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दो शहर, दो ट्रेन और 1100 किलोमीटर के दायरे में टुकड़ों में बंटी एक लाश। मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में रेलवे पुलिस के सामने एक बड़ी मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की चुनौती है। अभी तक फिलहाल सिर्फ इतना पता है कि जिस महिला की लाश उन्हें टुकड़ों में बरामद हुई है उसके हाथ पर 'मीराबेन' नाम गोदा हुआ है। इंदौर और देहरादून की पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह लाश किसकी और किसने इतनी बेरहमी से कत्ल करके लाश को टुकड़ों में बांटा और फिर दो ट्रेन में डालकर रवाना कर दिया। 
 
सोमवार दोपहर ऋषिकेश के वॉशिंग लाइन में लक्ष्मीबाई नगर-योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस (14317) ट्रेन की सफाई चल रही थी। ट्रेन रविवार शाम करीब 7 बजे मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित लक्ष्मी बाई नगर स्टेशन से आई थी जो यहां से करीब 1100 किलोमीटर दूर है। स्टाफ जब दो स्लीपर कोच के बीच पैसेज एरिया से गुजरे तो उन्हें बदबू लगी। बदबूदार सामान तलाशने पर उन्हें काले रंग के एक तौलिए में मानव अंग मिले। सूचना देहरादून जीआरपी को दी गई। तलाशी पर वहां दो हाथ और दो पैर मिले। जीआरपी अधिकारियों के पास शुरुआत में कोई सुराग नहीं था। उन्होंने अपने समकक्षों को इंदौर में फोन लगाया। 

तब उन्हें पता चला कि इंदौर रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात करीब 11 बजे को एक पैसेंजर ट्रेन से एक महिला के सिर और धड़ मिले हैं, जबकि हाथ और पैर गायब थे। पुलिस यह समझ चुकी थी कि हाथ और पैर उसी लाश के हैं।  इस संबंध में इंदौर में आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत केस दर्ज किया गया है। देहरादून जीआरपी स्टेशन के एसएचओ त्रिवेंद्र सिंह राणा ने कहा, 'हाथ और पैर की संख्या चार है। हमें एक हाथ पर टैटू भी मिला है, जिससे महिला का नाम मीराबेन मालूम होता है। नाखूनों पर नेल पेंट लगा है। इंदौर जीआरपी ने इस बात की पुष्टि की है कि हाथ और पैर उसी लाश के हैं जिनके अंक उन्हें शनिवार रात पैसेंजर ट्रेन से मिले।' उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने अंगों की जांच की है और इंदौर जीआरपी को जांच में सहयोग किया जाएगा। 

इंदौर जीआरपी एसएचओ संजय शुक्ला ने कहा, 'प्रथम दृष्टया यह साफ है कि ऋषिकेश में जो अंग मिले हैं वे उसी शव के हिस्से हैं जो हमें इंदौर में ट्रेन से मिला। फिर भी हम पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराएंगे। लेकिन यह तभी होगा जब महिला की पहचान हो जाती है। क्षत विक्षत शव नागदा-महू (डॉक्टर अंबेडकर नगर) पैसेंजर ट्रेन से बरामद किया गया। महू जाते हुए ट्रेन 7:45 पर इंदौर पहुंची थी। ट्रेन सफाई और रखरखाव के लिए रात 10 बजे इंदौर वापस आती है। शनिवार रात जब ट्रेन वापस आई और सभी यात्री उतर गए। ट्रेन को यार्ड में ले जाया गया। रात करीब 11 बजे सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें टुकड़ों में बंटी लाश मिली है।'

शव के हिस्सों को सीट के नीचे दो बैग्स में रखा गया था। सिर और शरीर का ऊपरी हिस्सा एक ट्ऱॉली बैग में था जबकि जांघों को एक प्लास्टिक पैक में बंद किया गया था। शव कुछ दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। माथे पर एक बिंदी थी। शुक्ला ने कहा कि ऋषिकेश में जिस ट्रेन से शव के टुकड़े मिले हैं वह लक्ष्मी बाई नगर से शनिवार को 3:15 पर रवाना हुई थी और अगले दिन शाम को गंतव्य तक पहुंची। शुक्ला ने कहा कि उनकी प्राथमिकता मृतक महिला की पहचान है। जिन स्टेशनों से दोनों ट्रेनें गुजरती हैं वहां के सीसीटीवी कैमरों की जांच चल रही है।