DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चार धाम शीतकालीन यात्रा कब चढ़ेगी परवान ! धामों के कपाट बंद होने के बाद बढ़ जाती है बेरोजगारी

यमुनोत्री व गंगोत्री के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा पर ब्रेक लगने के साथ ही यात्रा से जुड़े हजारों लोग बेरोजगार होने जा रहे हैं। इन बेरोजगारों को रोजगार देने के मकसद से पूर्व कांग्रेस सरकार ने शीतकालीन यात्रा का डंका वर्ष 2014 में फूंका था, लेकिन तमाम खामियों के चलते शीतकालीन यात्रा शबाब पर न आने के कारण रोजगार की आस लगाये लोगों को झटका ही लगा है।  यमुनोत्री गंगोत्री यात्रा रूट पर होटल व ढाबों वालों सहित 15 हजार श्रमिक बेरोजगार हो जाते हैं। जिसका परिणाम है कि इन्हें 6 माह तक सीजन की कमाई पर निर्भर रहना पड़ता है। इनका व्यसाय सीजनल होने के कारण इन्हें कई तहर की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिसे देखते हुये सूबे में पर्यटन व तीर्थाटन को मजबूत करने के लिए बीती कांग्रेस सरकार के मुखिया हरीश रावत ने शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की थी। लेकिन शीतकालीन यात्रा तमाम सुविधाओं के अभाव प्रचार-प्रसार की कमी के कारण परवान नहीं चढ़ पाई। जिसके कारण गंगोत्री व यमुनोत्री धामों के शीतकालीन प्रवास में भोग मूर्ति के दर्शनों को मामूली संख्या में ही यात्रा पहुंचते हैं।  अपुष्ट आंकड़ों से देखे तो 2014 से शुरू की गई शीतकालीन यात्रा के बाद गंगोत्री व यमुनोत्री के खरसाली व मुखबा में 2018 तक प्रति वर्ष 500 से 800 के बीच तीर्थयात्री पहुंचे। शीतकाल यात्रा की शुरुआत जिस गर्मजोशी से की गई थी। उसे उस तेजी से आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। जबकि शीतकाल यात्रा को परवान चढ़ाकर हजारों बेरोजगारों को वर्षभर का रोजगार मुहैया कराया जा सकता था। 

क्या कहते हैं तीर्थ पुरोहित: यमुनोत्री के रावल योगी संदीप उनियाल, पवन उनियाल, वेद प्रकाश उनियाल व गंगोत्री के रावल सुरेश सेमवाल, कुलदीप सेमवाल, सुधांशु सेमवाल आदि का कहना है कि शीतकाल यात्र को व्यापक रूप से प्रचारित करने के साथ ही मूलभूत सुविधओं को सुदृढ़ करवाकर बढ़ाया जाय, तो बेरोजगारी खत्म ही होने के साथ ही प्रदेश को मजबूत तीर्थाटन व पर्यटन मिलेगा।

शीतकाल के लिए हों सुविधाएं 
शीतकालीन यात्रा के लिए गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के बेस मुखबा, हर्षिल, खरसाली व जानकीचट्टी में नेटवर्क नियमित विद्युत आपूर्ति, सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ स्वास्थ्य व होटलों-ढाबों की बेहतर व्यवस्था जरूरी है। 

भारी संख्या में पहुंचे गंगोत्री और यमुनोत्री में यात्री
गंगोत्री धाम में वर्ष 2018 की यात्रा काल में 4 लाख 48 हजार यात्रियों ने दर्शन किये। जबकि यमुनोत्री धाम के दर्शन 3 लाख 92 हजार 600 यात्रियों ने किये।  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:winter char dham pilgrimage is yet to start