अंकिता हत्याकांड: कौन था चौथा राजदार? गुमशुदगी की रिपोर्ट की किसने दी सलाह?

Sep 30, 2022 07:23 am ISTMohammad Azam हिंदुस्तान, देहरादून
share Share
Follow Us on

अंकिता हत्याकांड में शामिल चौथे व्यक्ति की भी भूमिका के बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलकित के मोबाइल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि जब अंकिता ने मोबाइल नहर में फेंक दिया था, फोन एक्टिव कैसे था ?

अंकिता हत्याकांड: कौन था चौथा राजदार? गुमशुदगी की रिपोर्ट की किसने दी सलाह?

अंकिता हत्याकांड में एक और नया मोड़ सामने आया है। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों के अलावा कोई चौथा व्यक्ति भी इस मामले में शामिल था जिसने हत्या के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी थी। अंकिता हत्याकांड में पकड़े गए तीन आरोपियों के अलावा इस हत्या का चौथा राजदार भी था। जिसने हत्या के बाद पटवारी चौकी में मुकदमा दर्ज करवाने की सलाह दी। हालांकि उससे आरोपियों को कोई लाभ नहीं मिला।

गुमशुदगी की रिपोर्ट की सलाह किसने दी?

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसआईटी की पूछताछ में ये तथ्य सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी बेफिक्र थे। लेकिन देर रात और सुबह कुछ लोगों से बातचीत के बाद पुलकित सक्रिय हुआ। उसने 19 सितंबर को पटवारी चौकी में अंकिता की गुमशुदगी लिखवाई। एसआईटी उस रात इन सभी आरोपियों के पास मौजूद मोबाइल और अन्य मोबाइलों की डिटेल निकाल रही है, ताकि ये पता चल सके कि किससे उनकी बात हुई। इसके अलावा पुलकित का जो मोबाइल घटना से पहले कथित रूप से अंकिता ने नहर में फेंका था, उस पर रातभर आए कॉल की भी एसआईटी डिटेल निकाल रही है, ताकि ये पता चले कि किस-किस से उसका संपर्क हुआ था। इस चौथे राजदार को भी इस केस में आरोपी बनाया जा सकता है।

नहर में गिरा मोबाइल तो कैसे जाती रही घंटी! 
पुलिस को आरोपियों ने बताया कि पुलकित का मोबाइल फोन अंकिता ने नहर में फेंक दिया था। यह वाकया लगभग 9 बजे के आसपास का होगा, लेकिन पुलकित के मोबाइल पर रात साढ़े दस बजे तक घंटी जाती रही। उस रात को अंकिता के दोस्त पुष्प ने भी पुलकित के मोबाइल पर फोन किया था और फोन में घंटी गई थी, लेकिन किसी ने उठाया नहीं। जब पुष्प ने मैनेजर अंकित को फोन किया तो वह चौंक गया था। उसने हड़बड़ाते हुए पूछा था कि पुलकित सर के फोन में घंटी जा रही है?

अंकिता हत्याकांड में एसआईटी की जांच तेजी पकड़ सकती है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों की तीन दिन की रिमांड मंजूर कर ली है, जो शुक्रवार सुबह से शुरू होगी। रिमांड में पूछताछ के लिए तीन तेज तर्रार और विवेचना में कुशल इंस्पेक्टरों की एक विशेष टीम भी बनाई गई है। जो तीनों दिन इनसे पूरे प्रकरण की पूछताछ करेगी।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


विशेषज्ञता ( Area of Expertise )

पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;