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हल्द्वानी हिंसा: BSP से लड़ा चुनाव, बगीचे पर किया अतिक्रमण, दिल्ली से दबोचे गए अब्दुल मलिक की पूरी कुंडली

जिस जगह पुलिस अतिक्रमण हटाने गई थी वह अब्दुल मलिक के कब्जे में थी। हिंसा के दौरान 2.44 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इसकी भरपाई के लिए अब्दुल मलिक को नोटिस भी थमाया गया था।

हल्द्वानी हिंसा: BSP से लड़ा चुनाव, बगीचे पर किया अतिक्रमण, दिल्ली से दबोचे गए अब्दुल मलिक की पूरी कुंडली
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,हल्द्वानीSat, 24 Feb 2024 06:43 PM
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हल्द्वानी में 8 फरवरी को हुई हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल मलिक आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पिछले 16 दिनों तक लुकाछिपी का खेल खेलने के बाद उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर  लिया गया है। बताया जा रहा है कि बनभूलपुरा में हिंसा भड़काने के बाद अब्दुल मलिक दिल्ली में आकर छिप गया था। पुलिस को जैसे ही इस बात की भनक लगी, तुरंत एक ऐक्शन प्लान तैयार किया गया और अब्दुल मलिक को दबोच लिया गया। 

बताया जा रहा  है कि जिस जगह पुलिस अतिक्रमण हटाने गई वह अब्दुल मलिक के कब्जे में थी। हिंसा के दौरान 2.44 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इसकी भरपाई के लिए अब्दुल मलिक को नोटिस भी थमाया गया था। अब्दुल मलिक अच्छी खासी संपत्ति का मालिक है। इतना ही नहीं बीएसपी की टिकट लोकसभा चुनाव भी लड़ चुका है। साल 2004 में अब्दुल मलिक ने फरीदाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नामांकन दाखिल करने के दौरान उसके साथ करीब 100 लोगों की टीम गई थी। हालांकि चुनाव में उसे कांग्रेस उम्मीदवार से हार झेलनी पड़ी।

ऐसे कब्जाई जमीन

8 फरवरी को नगर निगम टीम जिस अवैध अतिक्रमण को हटाने गआई थी वो मलिक के बगीचे पर बनाया गया था। जानकारी के मुताबिक बगीचा पहले खाली हुआ करता था। यहां केवल कुछ पेड़ हुआ करते थे जिस पर साजिशन अतिक्रमण किया गया और घर बसाए गए। 

हिंसा में 6 लोगों की मौत

अब्दुल मलिक पर आरोप है कि 8 फरवरी को जो हिंसा भड़की उसका मास्टरमाइंड वही था। उस पर अवैध संरचना का निर्माण करने का भी आरोप है। इस हिंसा में 6 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस दौरान पुलिस बल पर हमला करने के साथ-साथ पुलिस स्टेशन को भी आग के हवाले कर दिया गया था। 

चार राज्यों में छापेमारी

अब्दुल मलिक की तलाश के लिए चार राज्यों में दबिश दी गई थी। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली हर उस जगह जाकर जांच की गई जहां उसके होने का शक था। उसके परिवार और जान पहचान वालों से भी संपर्क किया गया। बीच में उसके नेपाल में छिपे होने की भी खबर सामने आई थी। 

अब्दुल मलिक के वकील ने क्या कहा?

 अब्दुल मलिक की गिरफ्तारी से पहले उसके वकीलों ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हल्द्वानी की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। मलिक के वकील अजय कुमार बहुगुणा ने कहा, "हमें नहीं पता था कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और हमने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। जमानत याचिका  अपने आप रद्द हो जाएगी।" बहुगुणा ने कहा, "हिंसा से अब्दुल मलिक का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने घटना से दो-तीन दिन पहले हल्द्वानी छोड़ दिया था और हिंसा वाले दिन वह शहर में नहीं थे। वह देहरादून में थे।" उन्होंने कहा कि वे सभी कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं और संभवत: उसी आधार पर जमानत याचिका दायर करेंगे।''

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