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जब केदारधाम में आन्ध्रप्रदेश के यात्रियों ने किया कुचिपुड़ी -VIDEO

केदारधाम में भगवान शिव को खुश करने के लिए आन्ध्र प्रदेश के यात्रियों ने अदभुत अंदाज में सावन का स्वागत किया। यात्रा पर आए इस यात्री दल ने सुबह बाबा केदार की पूजा अर्चना के बाद मंदिर परिसर में कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम की सुंदर प्रस्तुति दी जिसे देखकर यहां मौजूद यात्री, तीर्थपुरोहित, व्यापारी और अधिकारी अभिभूत हो गए।

मान्यता है कि भगवान शिव को पवित्र सावन महीने में बेल पत्र, ब्रह्मकमल, जलाभिषेक और संगीत प्रिय लगते हैं। इसी भावना को देखते हुए बीती रात केदारनाथ  पहुंचे आन्ध्र प्रदेश के 22 सदस्यीय दल ने चन्द्रग्रहण के चलते केदारनाथ धाम में पूरी रात अपने कक्षों में भजन कीर्तन किया। सुबह खुली तो उन्होंने स्नान के बाद मंदिर खुलने पर बाबा का जलाभिषेक किया। पूजा अर्चना के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में सावन के महीने का जोरदार ढंग से स्वागत किया। हिमालय की गोद में स्थित ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग बाबा केदार के सम्मुख उन्होंने आस्था और भक्ति की मिशाल पेश की।

आन्ध्र प्रदेश की सास्त्रीय नृत्य शैली कुचिपुड़ी और दक्षिण भारत की भरतनाट्यम की प्रस्तुति देकर यात्री दल ने बाबा केदार की अराधना की। नंगे पांव एक दर्जन महिला, नौजवान एवं बच्चों ने पूरे भाव के साथ केदारधाम में दक्षिण भारतीय अंदाज में करीब एक घंटा नृत्य किया। इस सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुति को देखकर तीर्थपुरोहित, तीर्थयात्री, व्यापारी, अधिकारी, कर्मचारी मंदिर परिसर में जमा हो गए।

सभी ने इस यात्री दल का तालियों के साथ उत्साह बढ़ाया। केदारनाथ में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट धीरज डिमरी ने बताया कि आन्ध्र प्रदेश के इस यात्री दल ने पूजा अर्चना के बाद एक घंटे प्रस्तुति दी और इसके बाद वह गौरीकुंड के लिए प्रस्थान कर गए। उधर बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि 12 ज्योर्तिलिंगों में शिव के धामों में सावन में विशेष पूजाएं होती है। दक्षिण भारत सास्त्रीय नृत्य और संगीत के लिए विख्यात है। केदारधाम में यात्री दल द्वारा इस तरह की प्रस्तुतियां सुखद अहसास देती है। ऐसे यात्री दल को भविष्य में सम्मानित भी किया जाएगा।

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  • Web Title:When the travelers of Andhra Pradesh presented the Kuchipudi in Kedar Dham