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हिंदी न्यूज़ उत्तराखंडमौसम:पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन,मैदानी इलाकों में शीतलहर से गिरा पारा,जानें मौसम पूर्वानुमान

मौसम:पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन,मैदानी इलाकों में शीतलहर से गिरा पारा,जानें मौसम पूर्वानुमान

हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनHimanshu Kumar Lall
Fri, 03 Dec 2021 08:49 PM
मौसम:पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन,मैदानी इलाकों में शीतलहर से गिरा पारा,जानें मौसम पूर्वानुमान

पीएम नरेन्द्र मोदी की शनिवार को होने वाली रैली के दिन प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन अगले दो दिन प्रदेश में मौसम एक बार फिर खराब रहेगा और 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में माध्यम बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।शनिवार को पीएम मोदी की रैली के मद्देनजर अनेकों जिलों से समर्थक भारी तादाद में दून पहुंचेंगे।

उनके लिए राहत भरी खबर ये है कि पिछले दो दिनों से प्रदेश के खराब मौसम में सुधार आएगा और शनिवार को बारिश होने की संभावना नहीं है। मौसम शुष्क रहेगा। खासकर दून में आसमान में बादल आंशिक रुप से रहेंगे और आमतौर पर आसमान खुला रहेगा। पांच व छह दिसम्बर को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में तब्दीली आएगी और राज्य के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, बर्फबारी हो सकती है।

इस बार 2500 मीटर से उपरी इलाकों में बर्फबारी होने का अनुमान है। छह दिसम्बर को भी राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के 2500 मीटर से ऊपर के इलाकों में बर्फबारी व अन्य इलाकों में बारिश हो सकती है। 7 दिसम्बर को प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि बादलों की मौजूदगी बनी रह सकती है। राज्य के मैदानी हिस्सों में विशेषकर हरिद्वार, उधमसिंहनगर जिलों के कुछ हिस्सों में कोहरा, उथला कोहरा रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, ऊचांई वाले हिस्सों बर्फ जमा होने के कारण सड़कें अवरुद्ध हो सकती है। बिजली व दूरसंचार सेवाओं को मामूली नुकसान पहुंच सकता है। कम तापमान व सर्द हवाएं सुबह शाम ठंड में इजाफा कर सकती हैं। शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों व पुरानी बीमारी वाले लोगों को ठंड के चलते विशेष देखभाल की जरुरत रहेगी।

पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी
प्रदेश में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कई जगह बारिश व बर्फबारी हुई। बागेश्वर, लोहारखेत, गरुड़, मोरी, पुरोला, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, जखोली, उखीमठ, पिथौरागढ़, मुन्स्यारी, धारचुला, गंगोलीहाट, डीडीहाट, बेरीनाग, नैनीताल, देवप्रयाग, जोशीमठ में बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को मौसम विभाग के सेंटरों पर प्रदेश में सर्वाधिक तापमान पंतनगर में 22.5 व न्यूनतम तापमान रानीचौरी में 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बर्फबारी के चलते जिलों को अलर्ट
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए सम्बंधित जिलों में पांच व छह दिसम्बर के लिए 2500 मीटर से अधिक ऊंचे इलाकों में सड़कों की सफाई के लिए आवश्यक इंतजाम की सलाह दी है। वाहन चलाते समय यात्रियों व वाहन से आने जाने वाले लोगों को सावधान किया गया है, चूंकि बर्फ के कारण सड़कों पर फिसलन रहेगी। लोगों को ठंड में लम्बे समय तक रहने से बचने, भारी कपड़े की एक परत के बजाय ढीली फिटिंग, हल्के वजन और गर्म ऊनी कपड़ों की कई परत पहनने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, घर से बाहर निकलने पर अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की अंगुलियों को कवर करना चाहिए। चूंकि अधिकांश गर्मी का नुकसान इन शरीर के अंगों के माध्यम से होता है।

देहरादून में हुई बारिश
दून में शुक्रवार को पूरा दिन बादल छाए रहे। दोपहर में बूंदाबांदी भी हुई। शाम होने पर कुछ हिस्सों में धूप भी निकली। हालांकि तापमान काफी कम रहा और लोग गर्म कपड़ों के सहारे ही रहे। बारिश की आंशका के कारण लोग रेनकोट व छाता लेकर ही घर से निकले। दून में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 14.1 दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री अधिक था। दून में पांच व छह को मौसम एक बार फिर खराब रहेगा और हल्की बारिश का अंदेशा है। सात दिसम्बर के बाद मौसम शुष्क रहेगा।

उत्तराखंड में पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से पारा गिरा है। बारिश के बाद शीतलहर का प्रकोप जारी है। गढ़वाल मंडल के चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी आदि जिलों के पर्वतीय इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि कुमाऊं के पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर आदि जिलों में भी हिमपात हुआ है। मसूरी, नैनीताल, अल्मोड़ा आदि पर्यटक स्थलों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।   

पिथौरागढ़ जिल सहित कई क्षेत्रों में बारिश व उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात हुआ है। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और घाटी वाले इलाकों में बारिश के बाद ठंड काफी बढ़ गई है। मिलम में 2, रालम में 3 फीट व खलियाटॉप में तीन इंच हिमपात हुआ है। ऐसे में मुनस्यारी सहित अधिकतर जगहों में लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।

जिले में 38 घंटे से अधिक समय तक आसमान में छाए रहे बादलों के बाद कई जगह बारिश हुई। जिला मुख्यालय में 8.6 एमएम से अधिक बारिश हुई है। बेरीनाग में 9 व मुनस्यारी में 9.2 एमएम बारिश होने से ठंड काफी बढ़ गई है। धारचूला में 11 एमएम से अधिक बारिश हुई है। मुनस्यारी में खलिया, पंचाचूली, नागनीधूरा, हंसलिंग सहित मानसरोवर यात्रा मार्ग में कई जगह 2 फीट से अधिक हिमपात हुआ हैं।

जिले में अधिकतर ऊंची पहाड़ियों के बर्फ से लकदक हो जाने का असर शीत लहर में दिखाई दे रहा है। पूरे दिन इन इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ी। आधे दिन बाद जिले के कई स्थानों में धूप निकल आने से लोगों ने राहत महसूस की। उधर गंगावली क्षेत्र में भी बारिश हुई है। 5एमएम बारिश हो जाने के बाद पूरे क्षेत्र में ठंड का असर तेज हो गया है। डीडीहाट में 6एमएम से अधिक बारिश हुई है।

खलिया में बर्फ देख खिले पर्यटकों के चेहरे
खलिया में बर्फबारी के बाद पर्यटकों के चेहरे खिले नजर आए। तीन इंच से अधिक हिमपात को देखकर पर्यटकों में काफी उत्साह रहा। कड़ाके की ठंड के बाद भी यहां पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। अभी भी क्षेत्र में मौसम बर्फबारी का बना हुआ है।

नैनीताल में हल्की बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड
शुक्रवार को हल्द्वानी में दिनभर बादल छाए रहे। ठंड में इजाफा हुआ। यहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, नैनीताल में भी दिनभर बादल छाए रहे। हल्की बूंदाबांदी भी हुई। अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम 06 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम को काफी ठंडा रहा।

बारिश होने के बाद सर्दी बढ़ी, मौसम ने अचानक रंग बदला ठंड बढी
मसूरी।
पर्यटन नगरी मसूरी में मौसम ने अचानक रंग बदल दिया व अब आसमान में बादल छाने व लगातार बारिश होने से कड़ाके की सर्दी के कारण जन जीवन प्रभावित हो गया। जिसका प्रभाव व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर अभी नगर पालिका ने अलाव जलाने शुरू नहीं किया। वहीं लोगों को आग के सहारे दिन काटने पड़ रहे हैं।

पर्यटन नगरी में मौसम के रंग बदलते ही कड़ाके की सर्दी शुरू हो गयी। लगातार मौसम खराब होने से भले ही सूखी ठंड से लोगों का बचाव हो गया व सूखी ठंड के कारण होने वाले रोगों से थोड़ा राहत मिल गई लेकिन अब ठंड का प्रकोप लगताार बढता जा रहा है। जिस तरह से मौसम विभाग का अलर्ट है कि इस साल सर्दी अधिक समय तक पड़ेगी इससे ऐसा लग रहा है कि मसूरी में हिमपात भी शीघ्र शुरू हो जायेगा व लोगों को लंबे समय तक सर्दी से जूझना पडे़गा।

लगातार बढ़ रही सर्दी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है क्यो ंकि अभी स्कूल बंद नहीं हुए है और बोर्ड की परीक्षाएं भी चल रही हैं। वहीं मजदूरों को भी परेशानी हो रही है क्यो कि अभी अलाव जलने शुरू नहीं हुए है जबकि नगर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि आगामी दस दिसंबर के बाद अलाव जलाना शुरू किया जायेगा।

वहीं दूसरी ओर इन दिनों मसूरी घूमने आये पर्यटक भी सर्दी व बारिश के कारण होटलों से नहीं निकले व जब बारिश रूकी तो बाजार में गर्म कपड़े खरीदते नजर आये। सर्दी बढ़ने के कारण बाजार में रौनक भी कम हो गई तथा दुकानदार अलाव जला कर या हीटर सेंककर दिन गुजार रहे हैं। वहीं लोग अपनी दिनचर्या का काम निपटा कर जल्दी घरों को लौट जाते हैं।

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