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कोताही : ‘ईवीएम’ में फंसे रह गए ‘मॉक पोल’ के वोट, पढ़िए कौन से जिलों में हुई चूक

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मतगणना से पहले उत्तराखंड में निर्वाचन टीम की बड़ी चूक सामने आई है। राज्य के छह बूथों में ईवीएम से मॉक पोल का रिकॉर्ड ही नहीं हटाया गया। अब इन ईवीएम को मतगणना से हटाकर वीवीपैट के जरिये प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। आयोग के निर्देश पर मतदान के दिन वोटिंग शुरू होने से पहले हर ईवीएम में मतदान एजेंट की मौजूदगी में 50-50 मॉक पोल डाले जाते हैं। आधिकारिक मतदान शुरू होने से पहले इन्हें कंट्रोल बटन से नष्ट कर दिया जाता है। मगर, उत्तराखंड में कई मतदान केंद्रों पर पोलिंग टीम ने मॉक पोल नष्ट करने की बजाय इन मशीनों पर मतदान करवा दिया। बाद में कुल पड़े मतों और ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती में अंतर से इसका पता चला। इतना ही नहीं, देश के बाकी राज्यों  में भी इस तरह की चूक की आशंका भांपते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर ऐसी ईवीएम को मतगणना से अलग रखने को कह दिया है। इन ईवीएम की जगह सिर्फ वीपीपैट की पर्चियों की गिनती की जाएगी। जहां वीपीपैट में भी मॉक पोल दर्ज रह गई हैं, वहां इसके रिकॉर्ड के आधार पर अंतिम गिनती होगी। निर्वाचन आयोग के उप सचिव मधुसूदन गुप्ता की ओर से संबंधित पत्र जारी कर दिया है।

इन जिलों में हुई चूक
हरिद्वार जनपद में दो, नैनीताल में एक, पिथौरागढ़ में एक, अल्मोड़ा में एक और उत्तरकाशी में भी एक ईवीएम से मॉक पोल का रिकॉर्ड नहीं हटाया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड सौजन्या ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इन ईवीएम को मतगणना  से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।

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