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उत्तराखंड में चुनाव में लगे वाहनों पर जीपीएस से रखी जा रही नजर, क्या है इसकी वजह

निर्वाचन आयोग मतदान से पहले सभी मतदाताओं तक वोटर स्लिप पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। वोटर स्लिप घर-घर पहुंची या नहीं इसके लिए सभी जगह अधिकारी विशेष तौर पर पड़ताल करेंगे।

उत्तराखंड में चुनाव में लगे वाहनों पर जीपीएस से रखी जा रही नजर, क्या है इसकी वजह
Praveen Sharmaदेहरादून। हिन्दुस्तानFri, 12 Apr 2024 08:04 AM
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निर्वाचन आयोग मतदान से पहले सभी मतदाताओं तक वोटर स्लिप पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। वोटर स्लिप घर-घर पहुंची या नहीं इसके लिए सभी जगह अधिकारी विशेष तौर पर पड़ताल करेंगे। चुनाव में लगे सभी वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि इन पर नजर रखी जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि मतदान प्रक्रिया से पहले सभी वोटर को बीएलओ के माध्यम से वोटर स्लिप दी जाती है, जिसमें फोटो के अलावा मतदाता और संबंधित मतदान केंद्र का पूरा विवरण दर्ज होता है। यदि कोई मतदाता इस दौरान अनुपस्थित पाया जाता है तो उनकी वोटर स्लिप पीठासीन अधिकारी तक पहुंचा दी जाती है, ताकि इसके दुरुपयोग की कोई आशंका न रहे। इसलिए सभी स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में औचक जांच के जरिए वोटर स्लिप मतदाता तक पहुंचने की पुष्टि करने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए बने चार लाख वोटर कार्ड में से भी करीब एक लाख वोटर कार्ड अब तक नहीं वितरित हो पाए हैं, बीएलओ को वोटर स्लिप के साथ वोटर कार्ड भी मतदाता तक पहुंचाने को कहा गया है।

निर्वाचन वाहनों में जीपीएस : अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि लोकसभा चुनावों के लिए 13,250 वाहनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। निर्वाचन ड्यूटी देने वाले चालक और परिचालकों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभी तक 8783 वाहन चालकों और परिचालकों को डाक मतपत्र के लिए फार्म 12 उपलब्ध कराया जा चुका है। सभी चुनावी वाहनों पर जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था की जा रही है। यदि कोई वाहन निर्धारित रूट से हटता है तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार मतदान कर्मियों के लिए बिस्तर की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही जुटाई जा रही है।

वोटर कार्ड के कौन-कौन से विकल्प

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान के लिए यदि किसी व्यक्ति के पास अब तक वोटर कार्ड नहीं है तो वो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिये भी मतदान कर सकता है। इसमें आधार कार्ड, बैंक-डाकघरों की फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, एनपीआर कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों-विधायकों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी शामिल है।