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Hindi News उत्तराखंडपहाड़ों पर मैदानों वाली गाड़ियों की तेज रफ्तार, ट्रैफिक जाम के बाद सड़क हादसों की यह वजह

पहाड़ों पर मैदानों वाली गाड़ियों की तेज रफ्तार, ट्रैफिक जाम के बाद सड़क हादसों की यह वजह

जांच टीम के अनुसार ये चारों क्षेत्र जाम के लिहाज से काफी संवेदनशील हैं। यहां लंबे लंबे जाम में फंसने के बाद लोग आगे खुला रास्ता मिलते ही वाहन की रफ्तार बढ़ा देते हैं। हादसों की बड़ी वजह बन रही है।

पहाड़ों पर मैदानों वाली गाड़ियों की तेज रफ्तार, ट्रैफिक जाम के बाद सड़क हादसों की यह वजह
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, लाइव हिन्दुस्तानWed, 19 Jun 2024 07:23 PM
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देश के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ी रही है। कई शहरों में तापमान 43 डिग्री के पार तक पहुंच गया है। गर्मी से कुछ राहत पाने के लिए पर्यटक उत्तराखंड के हिल स्टेशनों की ओर रुख कर रहे हैं। मध्य प्रदेश, यूपी, दिल्ली, राजस्थान आदि राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ-केदारनाथ समेत चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं।

तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ के बीच एक चिंता वाली बात यह भी सामने आ रही है कि यात्रा रूट पर सड़क हादसे हो रहे हैं। एक्सपर्ट की बात मानें तो दिल्ली-हरिद्वार और हरिद्वार-ऋषिकेश नेशनल हाईवे पर घंटों तक ट्रैफिक जाम को झेलने के बाद यात्री पहाड़ों पर मैदानी शहरों वाली स्पीड से गाड़ियां दौड़ा रहे हैं।

ओवर-स्पीडिंग सड़क हादसों का मुख्य कारण बन रहा है। इसके अलावा, टैक्सी-बसों के ओवर-लोडिंग के साथ ही ड्राइवर को नींद की झपकी भी सड़क हादसे की मुख्य वजह बन रहे हैं। विदित हो कि बदरीनाथ हाईवे पर 15 के एक टेंपो ट्रैवलर के नदी में गिरने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

इसी सड़क हादसे में 11 यात्री गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। इस सड़क हादसे में अधिकांश यात्री दिल्ली-एनसीआर और यूपी के रहने वाले थे।  बदरीनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग हादसे की जांच कर रही परिवहन विभाग की टीम ने ऋषिकेश, कौडियाला के निकट शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, देवप्रयाग और श्रीनगर में धारी देवी के निकट पार्किंग बनाने की सिफारिश की है।

जांच टीम के अनुसार ये चारों क्षेत्र जाम के लिहाज से काफी संवेदनशील हैं। यहां लंबे लंबे जाम में फंसने के बाद लोग आगे खुला रास्ता मिलते ही वाहन की रफ्तार बढ़ा देते हैं।  यही हादसों की बड़ी वजह बन रही है। सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने कहा कि ऋषिकेश में जिस अनुपात में यात्रियों का दबाव बढ़ रहा है, उस हिसाब से वहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।

लोग सड़कों पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं।  इससे सड़क संकरी होती है। यही स्थिति आगे कौडियाला-ब्यासी के बीच भी हो रही है। इन दिनों राफ्टिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। पर्यटक और राफ्टिंग कराने वाले ऑपरेटरों के वाहन भी सड़क किनारे ही पार्क हो रहे हैं। इससे अक्सर यहां लंबे लंबे जाम लग रहे हैं।

आगे देवप्रयाग और फिर श्रीनगर में धारी देवी पवित्र तीर्थस्थल हैं। देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी मिलकर गंगा का निर्माण करती हैं। जबकि मां धारी देवी राज्य में देवी का प्रमुख शक्तिपीठ है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां रुकते ही रुकते हैं। इन चारों स्थानों पर सड़क कुछ संकरी है।

जाम में फंसने के बाद लोग तेजी से आगे बढ़ने लगते हैं। संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि रिपेार्ट प्राप्त हो गई है। उसका अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट में सामने आए पहलुओं के आधार पर शासन के लिए प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे।

अफसरों को वाहनों की नियमित जांच के निर्देश
रुद्रप्रयाग हादसे के बाद परिवहन विभाग ने अपनी सक्रियता और बढ़ा दिया। यात्रा मार्ग के जिलों के साथ ही अन्य जिलों के आरटीओ समेत सभी परिवहन अधिकारियों को वाहनों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। फिटनेस के लिहाज से अनफिट, ओवर स्पीडिंग, ओवरलोड करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

एक दिन में 6 सड़क हादसों में 21 मौंते और 40 घायल
चारधाम यात्रा रूट और उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सड़क हादसे के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। प्रदेशभर में एक ही दिन में छह सड़क हादसे हुए थे। इन सड़क हादसों में ट्रेंप ट्रैवलर के खाई में गिरने से 15 यात्रियों समेत 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि, अलग-अलग सड़क हादसों में 21 यात्रियों को गंभीर चोटें पहुंची थी। 

पहाड़ों में ड्राइविंग पर रखें यह जरूरी सावधानी
-गाड़ियों को स्पीड लिमिट के अंदर ही चलाएं  
-मोड़ों पर हॉर्न बजाना न भूलें 
-कई घंटों तक गाड़ी को लगातार न चलाएं 
-पहाड़ों पर सफर पर शुरू करने से पहले ब्रेक, हॉर्न, हैडलाइट आदि जांच अवश्य करें 
-गाड़ी चलाते वक्त हल्की सी भी नींद की झपकी आने पर अवश्य रुक जाएं
-पहाड़ों पर गाड़ी को अपनी बाएं ओर ही चलाएं 
-किसी अन्य गाड़ी को ओवरटेक करते समय सावधानी रखें