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7 मई, 2021|2:43|IST

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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से ग्राहकों का मूड हुआ चेंज, सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ी मांग

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद लोगों का रुझान सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। उत्तराखंड के आरटीओ और एआरटीओ दफ्तरों के आंकड़े यही बयां कर रहे हैं। 2020 में पूरे साल जहां 151 सीएनजी वाहन पंजीकृत हुए। वहीं इस साल तीन महीने के भीतर ही 225 वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण भी पिछले साल की तुलना बढ़ा है।  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौजूदा समय में पेट्रोल करीब 89 रुपये और डीजल 80 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। दाम बढ़ने से लोग परेशान हैं। लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। ऐसे में लोग सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

कुछ लोग अपनी पुरानी कारों में भी सीएनजी किट लगवा रहे हैं। पिछले साल प्रदेश में एक जनवरी से 31 दिसंबर तक एक लाख 85 हजार 215 वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए। इसमें सीएनजी 151 और पेट्रोल प्लस सीएनजी 735 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। जबकि इस साल एक जनवरी से 31 मार्च तक 55 हजार 692 वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए। इसमें सीएनजी 225 और सीएनजी प्लस पेट्रोल 583 वाहन पंजीकृत हुए है। पिछले साल की तुलना इस बार सीएनजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन में इजाफा हुआ है। जानकारों की मानें तो सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ना पर्यावरण की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं। 


एक किलोमीटर में चार रुपये की बचत 
पेट्रोल वाहनों में सीएनजी किट लगाने वाले मिजो कंपनी के राहुल रावत का कहना है कि सीएनजी 59 रुपये प्रति किलो है। 1500 सीसी इंजन की कार एक किलो गैस में 28 से 30 और 800 से 1300 सीसी इंजन की कार 30 किलोमीटर से अधिक एवरेज देती है। सीएनजी कारें प्रति किलोमीटर करीब दो रुपये की गैस खर्च करती है। जबकि पेट्रोल प्रति किलोमीटर 6 रुपये का खर्च होता है। इस हिसाब से प्रति किलोमीटर सीएनजी कार से चार रुपये की बचत है। 

रोजाना कार चलाने वालों को सीएनजी फायदेमंद
अगर आप सीएनजी से चलने वाले वाहन चलाते हैं तो आप अधिक धन की बचत कर पाएंगे। प्राकृतिक गैस काफी सस्ती है, जिससे आप इसे जितना ज्यादा चलाएंगे आपको उतना ही ज्यादा फायदा होगा। रोजाना कार चलाने वालों को सीएनजी अधिक फायदा पहुंचा सकती है। वहीं सीएनजी वाहन से प्रदूषण कम होता है।  

इलेक्ट्रिक वाहनों में भी हुआ इजाफा 
पिछले साल इलेक्ट्रिक 2397 पंजीकृत हुए। एलपीजी 41 और पेट्रोल प्लस एलपीजी 185 वाहन पंजीकृत हुए। इस बार तीन महीने में 1119 इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जबकि एलपीजी 14 और पेट्रोल प्लस एलपीजी 11 वाहन पंजीकृत हुए। इलेक्ट्रिक वाहनों में ज्यादा संख्या दोपहिया और ऑटो की है।  

दून के पेट्रोल पंपों पर सीएनजी सुविधा बढ़ी
देहरादून शहर में सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद पेट्रोल पंपों पर भी सीएनजी गैस की सुविधा बढ़ने लगी है। अभी शहर में रेसकोर्स, मोहकमपुर, मालसी और सहस्रधारा रोड के पेट्रोल पंपों पर सीएनजी की सुविधा मिल रही है। भविष्य में अन्य पेट्रोल पंपों पर भी सीएनजी गैस मिलनी शुरू हो जाएगी। इससे वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी।

सरकार का सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा 
राज्य सरकार सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। रोडवेज की दिल्ली रूट की बसों में सीएनजी किट लगाई जा रही है। इससे पर्यावरण को नुकसान कम होने के साथ रोडवेज की बचत भी बढ़ रही है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो गया है। बसें चलनी शुरू हो गईं। सफर किया। 

देहरादून में भी इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहन रजिस्टर्ड हो रहे हैं। सीएनजी में ज्यादा कारें हैं। जबकि इलेक्ट्रिक में ऑटो और दोपहिया वाहन हैं। सीएनजी वाहनों को भविष्य में और बढ़ावा देने की योजना पर हम काम कर रहे हैं। 
दिनेश पठोई, आरटीओ (प्रशासन), देहरादून 

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  • Web Title:vehicle consumers opt for cng electronic vehicles petrol diesel price hike