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Hindi News उत्तराखंडसब्जियों के बढ़े दामों ने बिगाड़ा रसोई का जायका, लौकी-बींस के रेट करेंगे हैरान

सब्जियों के बढ़े दामों ने बिगाड़ा रसोई का जायका, लौकी-बींस के रेट करेंगे हैरान

ऊपर से ट्रांसपोर्ट का भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका सीधा असर यहां पहुंचने वाली सब्जियों के दामों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में और इजाफा होने की संभावना है।

सब्जियों के बढ़े दामों ने बिगाड़ा रसोई का जायका, लौकी-बींस के रेट करेंगे हैरान
Himanshu Kumar Lallअल्मोड़ा, हिन्दुस्तानThu, 20 Jun 2024 01:35 PM
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सब्जियों के बढ़ते दामों ने महिलाओं को चिंता बढ़ाने के साथ ही थाली का जायका बिगाड़ दिया है। इससे महिलाओं के रसोई का मासिक बजट गड़बड़ा गया है। पहले जहां एक मध्यम वर्गीय परिवार का हर माह 1500 रुपया सब्जी पर खर्च होता था, अब यह बढ़कर ढाई हजार रुपए पहुंच गया है।

प्रदेश के कई शहरों में सब्जियों के दामों में इजाफा हुआ है। देहरादून, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, विकासनगर, रुड़की, हरिद्वार, रुदपुर आदि शहरों में सब्जियों के दामों में उछाल आने से महिलाएं परेशान हैं।अल्मोड़ा में इन दिनों सभी प्रकार की सब्जियों के दामों में 15 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हो चुकी है।

इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए प्याज, टमाटर और आलू का उपयोग किया जाता है, लेकिन पिछले एक सप्ताह के भीतर ही आलू के दाम 30 से सीधे 45 रुपए प्रति किलो पहुंच गए हैं।

प्याज की कीमतों में 10 रुपये का इजाफा हुआ है। टमाटर के दाम 15 तो लौकी 20 रुपये अधिक महंगी बिक रही है। लोअर मालरोड स्थित सब्जी विक्रेता ललित सिंह ने बताया कि हल्द्वानी मंडी में ही सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।

ऊपर से ट्रांसपोर्ट का भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका सीधा असर यहां पहुंचने वाली सब्जियों के दामों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में और इजाफा होने की संभावना है। सब्जियों े रेट बढ़ गए हैं।

अल्मोड़ा सब्जियों की आवक कम हुई 
सब्जी विक्रेता अमित जोशी ने बताया कि इन दिनों गर्मी के बीच सब्जियों की आवक कम हो गई है। पहले जहां रोजाना हल्द्वानी मंडी से यहां पांच ट्रक सब्जियों के आते थे। इन दिनों अब तीन ट्रक ही सब्जियां पहुंच रही हैं। जो भी सब्जी यहां पहुंच रही है उनके दाम पहले से अधिक हैं। ऊपर से मालभाड़ा बढ़ने से भी सब्जियों की कीमत बढ़ानी पड़ रही है।

स्थानीय सब्जियां नहीं आने से भी बढ़े दाम
नगर के आसपास के गांवों में सब्जियों का उत्पादन होता है, इस बार बारिश नहीं होने से और झुलसा देने वाली गर्मी से सब्जियों का उत्पादन काफी कम हुआ है। काश्तकारों के मुताबिक इस बार बाजार में 50 फीसदी कम सब्जी पहुंच रही है। स्थानीय सब्जियों के बाजार में नहीं आने से तराई की सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।

सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी होने से सीमिति मात्रा में खरीदारी करनी पड़ रही है। बीन्स के दाम भी 100 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। एक सप्ताह में ही अन्य सब्जियों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। 
कमला देवी, गृहणी

सब्जियों के बढ़े दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं में कटौती कर खरीदारी करनी पड़ रही है। दाम बढ़ने से मनपंसद सब्जियां रसोई से दूर होती जा रही हैं।
सरस्वती नेगी, गृहणी

सब्जी पहले अब
प्याज 30 45
टमाटर 25 40
आल 30 45
गोबी 80 100
बीन्स 80 100
लौकी 40 60
शिमला मिर्च 60 80
 

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