ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तराखंडPM मोदी ने श्रमिकों से की बात, आर्थिक मदद का ऐलान, सुरंग के बाहर बनेगा भगवान बौखनाग का भव्य मंदिर

PM मोदी ने श्रमिकों से की बात, आर्थिक मदद का ऐलान, सुरंग के बाहर बनेगा भगवान बौखनाग का भव्य मंदिर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुरंग से निकाले गए श्रमिकों से फोन पर बात की और उनका हालचाल पूछा। वहीं सीएम धामी ने सभी श्रमिकों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

PM मोदी ने श्रमिकों से की बात, आर्थिक मदद का ऐलान, सुरंग के बाहर बनेगा भगवान बौखनाग का भव्य मंदिर
Krishna Singhएजेंसियां,उत्तरकाशीWed, 29 Nov 2023 01:24 AM
ऐप पर पढ़ें

उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में बीते 16 दिनों से फंसे सभी 41 श्रमिकों को मंगलवार को 17वें दिन सकुशल बाहर निकाल लिया गया। श्रमिकों को 800 मिमी पाइपों के जरिए एक-एक करके बाहर निकाला गया। पीएम मोदी ने श्रमिकों को बचाने के अभियान की सराहना की और कहा कि मिशन में शामिल सभी लोगों ने मानवता और एक टीम के रूप में काम करने की अद्भुत मिसाल पेश की है। पीएम मोदी ने बचाए गए श्रमिकों से फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी श्रमिकों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने का ऐलान किया।

एक-एक लाख रुपये की मदद का ऐलान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रमिकों को सरकार एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश हुए कहा कि श्रमिकों के इलाज और घर जाने तक की पूरी व्यवस्था की जाएगी। श्रमिकों की अस्पताल में देखभाल की जा रही है। अस्पताल में इलाज पर होने वाले खर्च का वहन सरकार करेगी। इनके अलावा परिजनों और श्रमिकों के खाने, रहने की व्यवस्था भी राज्य सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक ठीक हैं। श्रमिकों को घर भेजे जाने से पहले उन्हें कुछ समय के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।  

पीएम मोदी ने श्रमिकों से बात की
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रमिकों को बचाने के सफल अभियान की सराहना की। उन्होंने श्रमिकों से फोन पर बात की और उनका हालचाल पूछा। पीएम मोदी ने कहा कि मिशन में शामिल सभी लोगों ने मानवता और एक टीम के रूप में काम करने का अद्भुत उदाहरण पेश किया है। विभिन्न एजेंसियों के इस बचाव अभियान ने सभी को भावुक कर दिया है। श्रमिकों को टनल से बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने बचाव अभियान में शामिल लोगों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान में जुटे जवानों के साहस एवं संकल्प ने 41 मजदूरों को नया जीवन दिया है।

बिना पहिए वाले स्ट्रेचर के बाहर निकले मजदूर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, 60 मीटर के बचाव शॉफ्ट में स्टील के पाइप से इन मजदूरों को बिना पहिए वाले स्ट्रेचर के बाहर निकाला गया। श्रमिकों को एक-एक करके 800 मिमी के उन पाइपों से बनाए गए रास्ते से बाहर निकाला गया जिन्हें सुरंग में फैले 60 मीटर मलबे में ड्रिल करके अंदर डाला गया था। एनडीआरएफ के जवानों द्वारा मजदूरों को बाहर निकाले जाने के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह भी मौजूद रहे। 

'हर हर महादेव' के नारे
मजदूरों को बाहर निकाले जाने के बाद सुरंग के बाहर खड़ी एंबुलेंस के जरिए उन्हें सिलक्यारा से 30 किलोमीटर दूर चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां श्रमिकों के लिए 41 बिस्तरों का वार्ड तैयार रखा था। इन मजदूरों के बाहर निकलने पर वहां मौजूद लोगों ने एक दूसरे को गले लगाया और पटाखे छोड़े। सुरंग के बाहर कुछ लोगों ने 'हर हर महादेव' के नारे लगाये। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और धामी के प्रशंसा में भी नारे लगाये। मजदूरों का सुरंग के अंदर त्वरित स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

17वें दिन सफलता 
चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग के 12 नवंबर को एक हिस्सा ढहने से उसमें फंस गए श्रमिकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर चलाए अभियान में 17 वें दिन सफलता मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मिशन की सफलता पर बधाई दी। सीएम ने कहा कि श्रमिकों की खुशी ही उनकी ईगास और बग्वाल (दीवाली के दस दिन बाद पहाड़ों में मनाई जाने वाली दीवाली) है।

सिलक्यारा में बनेगा भगवान बौखनाग का भव्य मंदिर
सीएम धामी ने अभियान के सफल होने का श्रेय बचाव दल की तत्परता, तकनीक का सहयोग, अंदर फंसे श्रमिक बंधुओं की जीवटता, प्रधानमंत्री द्वारा की जा रही पल-पल निगरानी और भगवान बौखनाग की कृपा को दिया। उन्होंने ऐलान किया कि सिलक्यारा में भगवान बौखनाग का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने बाबा बौखनाग का मंदिर बनाने की मांग उठाई है जिसे सरकार पूरा करेगी। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द मंदिर निर्माण की कार्रवाई शुरू कर दी जाए।

रैट माइनर्स ने किया कमाल
अभियान में कई बाधाएं आयीं। सुरंग में मलबा हटाने के लिए सबसे पहले जेसीबी लगाई गई लेकिन ऊपर से मलबा गिरने के कारण इसमें सफलता नहीं मिली जिसके बाद अमेरिकी ऑगर मशीन मंगाकर मलबे में 'ड्रिलिंग' शुरू की गई। मलबे के अंदर 47 मीटर ड्रिलिंग करने के बाद ऑगर मशीन के हिस्से मलबे के अंदर फंस गए और बचाव अभियान रुक गया। मशीन के हिस्सों को हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगाकर काटकर अलग किया गया और उसके बाद सोमवार को रैट माइनर्स ने हाथ से ड्रिलिंग शुरू की। 

ईश्वर से मांगा आशीर्वाद
अभियान की सफलता की कामना के लिए विज्ञान के साथ ही आस्था का भी सहारा लिया गया। सिलक्यारा के आसपास के ग्रामीणों और श्रमिको के परिजनों ने ईश्वर से अपनों के सकुशल बाहर आने की प्रार्थना की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी, केंद्रीय मंत्री सिंह और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए बुलाए गए 'इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन' के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स ने भी सुरंग के बाहर बने स्थानीय देवता बौखनाग मंदिर में सिर झुकाकर श्रमिकों को सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें