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उत्तरकाशी सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सिलक्यारा टनल पर संकट! उच्च स्तरीय जांच पर टिका भविष्य 

उत्तरकाशी टनल में रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद 41 को बाहर निकाल लिया गया है। सिलक्यारा सुरंग का भविष्य अब उच्च स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट पर निर्भर हो गया है। सुरंग के अंदर मलब है।

उत्तरकाशी सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सिलक्यारा टनल पर संकट! उच्च स्तरीय जांच पर टिका भविष्य 
Himanshu Kumar Lallउत्तरकाशी, हिन्दुस्तानWed, 29 Nov 2023 07:36 PM
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी टनल में फंसे 41 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। चारधाम यात्रा रूट पर यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा में बन रही सुरंग में फिलहाल काम रोका गया है। टनल में दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले इसकी जांच की जाएगी।

सिलक्यारा सुरंग का भविष्य अब उच्च स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट पर निर्भर हो गया है। वर्तमान में ना सिर्फ सुरंग के अंदर मलबा फंसा है बल्कि जगह- जगह मशीनरी और दूसरा साजो समान बिखरा हुआ है। इसके मद्देनजर फिलहाल काम रोका गया है। केंद्र

से उच्च स्तरीय विशेषज्ञ जांच दल के आने के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। चारधाम यात्रामार्ग परियोजना के तहत यमुनोत्री मार्ग पर निर्माणाधीन साढ़े चार किमी लंबी सिलक्यारा- बड़कोट सुरंग के काम में पहले ही विलंब चल रहा है।

इस टनल को पहले गत जुलाई में बनकर तैयार होना था, लेकिन टनल आर- पार होने में अब भी करीब चार सौ मीटर की दूरी बाकी है। इस बीच 12 नवंबर को आए मलबे के बाद सुरंग का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

आलम यह है कि अब सुरंग के अंदर करीब 55 मीटर मलबा जमा है, जिसे नीचे से साफ करने पर उपर से और मलबा आ रहा है। इसके साथ ही बचाव अभियान के कारण सुरंग में इधर-उधर पड़ी है। जिसे साफ करने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा।

दूसरी तरफ सुरंग के ऊपर से अब तक 36 मीटर से अधिक वर्टिकल ड्रिल हो चुका है। इस कारण इस छेद का क्या किया जाना है, यह सवाल भी मुंह बाए खड़ा है। फिलहाल सिलक्यारा वाले छोर पर काम पूरी तरह बंद है, अब कहा जा रहा है कि अगले एक सप्ताह के अंदर केंद्र सरकार एक उच्च स्तरीय दल को अध्ययन का भेज सकती है। इसके बाद ही इस सुरंग का भविष्य तय हो पाएगा।

ऑपरेशन सफल होने के बाद सुरंग के मुहाने पर अब सन्नाटा
बीते 17 दिन सिलक्यारा सुरंग का मुहाना, देश दुनिया में छाया रहा। लेकिन अब श्रमिकों को सुरक्षित निकाले जाने के एक दिन बाद यहां पूरी तरह सन्नाटा पसर गया है। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि फिलहाल टनल पर सुरक्षा के लिए कुल पुलिस कर्मी मौजूद हैं।

इसके अलावा वहां नवयुग कंपनी के कर्मचारी ही मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान में आई भारी भरकम मशीनें पुलिस एस्कार्ट के साथ गुरुवार को वापस अपने गंतव्य के लिए रवाना की जाएंगी, इस कारण फिलहाल उक्त मशीनें और उनके विशालकाय ट्रक, ट्राला भी वहीं पर मौजूद हैं।

इस घटना के कारण बीते कुछ दिनों से ब्रहमखाल कस्बा भी चहल पहल में डूबा रहा, लेकिन अब यहां भी सन्नाटा है। कुछ वाहन चालक ही यहां विभिन्न होटल, ढाबों में खाना खाने के लिए आ जा रहे हैं। साथ ही बीते कुछ दिन से सीएम कैंप कार्यालय के कारण हॉट स्पॉट बना मातली भी अब अन्य दिनों की तरह सामान्य हो चुका है।

उत्तराखंड में सभी निर्माणाधीन सुरंगों की समीक्षा की जाएगी। सभी में सुविधा के साथ ही सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जाएगा। जहां तक सिलक्यारा सुरंग का मामला है तो इस पर जांच के बाद ही निर्णय हो पाएगा। इस पर भारत सरकार को ही अंतिम निर्णय लेना है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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