ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तराखंडजिस ऑगर मशीन को बताया जा रहा टनल में फंसे मजदूरों के लिए संजीवनी, उसमें बार-बार क्यों आ रही गड़बड़ी?

जिस ऑगर मशीन को बताया जा रहा टनल में फंसे मजदूरों के लिए संजीवनी, उसमें बार-बार क्यों आ रही गड़बड़ी?

अमेरिकी ऑगर मशीन को टनल में फंसे मजदूरों के लिए 'संजीवनी' बताया जा रहा है। रेस्क्यू कर रही टीमों को इस भारी भरकम सी दिखने वाली मशीन से काफी उम्मीदें हैं।

जिस ऑगर मशीन को बताया जा रहा टनल में फंसे मजदूरों के लिए संजीवनी, उसमें बार-बार क्यों आ रही गड़बड़ी?
Devesh Mishraहिंदुस्तान टाइम्स,उत्तरकाशीFri, 24 Nov 2023 11:10 PM
ऐप पर पढ़ें

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूर शुक्रवार को भी बाहर नहीं निकाले जा सके। लगातार 13 दिनों से देशभर के लोग उन मजदूरों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम को शुक्रवार शाम को कुछ तकनीकी खराबी के चलते ड्रिलिंग का काम रोकना पड़ा। काम रोके जाने के बाद ऑगर मशीन को बाहर निकाला गया है। अब इस मशीन की जांच की जा रही है। गुरुवार को भी इस मशीन में समस्या आ गई थी जिसे आज ठीक करके काम शुरू किया गया था। 

ऑगर मशीन में क्या खास बात?
अमेरिकी ऑगर मशीन को टनल में फंसे मजदूरों के लिए 'संजीवनी' बताया जा रहा है। रेस्क्यू कर रही टीमों को इस भारी भरकम सी दिखने वाली मशीन से काफी उम्मीदें हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह मशीन 5 मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरंग में जमा मलबे को ड्रिल कर सकती है। यह मशीन टनल में फंसे मजदूरों से सबसे करीब है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि बार-बार ऑगर मशीन में गड़बड़ी क्यों आ जा रही है?

यह भी पढ़िए: पहिए वाला स्ट्रेचर, लंबी सी रस्सी और... देख लीजिए डेमो कि कैसे टनल में फंसे 41 मजदूर निकाले जाएंगे बाहर

गड़बड़ी की क्या वजह?
ऑगर मशीन मलबे में ड्रिलिंग कर पाइप अंदर डाल रही है। इसी के जरिए फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला जाएगा। मलबे के अंदर मेटल (धातु) हैं जिन्हें यह मशीन आसानी से ड्रिल नहीं कर पा रही। रेस्क्यू टीम ने गुरुवार रात गैस कटर की इस्तेमाल से मेटल को हटाया था। वहीं ड्रिलिंग के दौरान एक पाइप मुड़ गया जिसके बाद कल ऑगर मशीन बाहर निकाला गया। इन सब के चलते जिस जगह पर यह मशीन रखी गई थी वहां दरारें आ गईं। उस जगह की तुरंत मरम्मत की गई। ऐसा माना जा रहा था कि आज मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा लेकिन फिर एक धातु की वस्तु ऑगर मशीन के रास्ते में आ गई जिससे ड्रिलिंग का काम फिर से रुक गया है। अब इस मशीन को एक बार और बाहर निकाला गया है।

यह भी पढ़िए: टनल में फंसे मजदूरों के इलाज को AIIMS पूरी तरह तैयार, 41 बेड रिजर्व

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के लिए जारी बचाव अभियान में आ रही बाधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा उन्हें निर्देश दिए कि उनके बाहर आने पर उनके स्वास्थ्य एवं चिकित्सकीय देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाए।

प्रधानमंत्री हर दिन मुख्यमंत्री से फोन पर बचाव अभियान के बारे में अद्यतन स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री ने धामी से बचाव कार्य की प्रगति और कार्य कर रही विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के बारे में जानकारी ली और किसी प्रकार के सहयोग की जरूरत होने पर उन्हें अवगत कराने के लिए कहा।    

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें